कोरबा : महापौर की जाति के खिलाफ दायर याचिका स्वीकृत

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कोर्ट ने थमाया नोटिस, चार अप्रैल को किया तलब

कोरबा। महापौर राजकिशोर प्रसाद के जाति प्रमाण-पत्र का मामला न्यायालय पहुंच गया है। भाजपा ने नियम विरूद्ध तहसील कार्यालय से पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण-पत्र दिए जाने का आरोप लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल प्रस्तुत किया गया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। चार अप्रैल को महापौर व जिला निर्वाचन को न्यायालय ने तलब किया है।नगर पालिका निगम का चुनाव के साथ शुरू हुई राजनीतिक पार्टियों की रस्साकसी अब तक खत्म नहीं हुई है। चुनाव में हार के बाद भाजपा ने कांग्रेस से महापौर बने राजकिशोर प्रसाद के जाति के मसले को कोर्ट में घसीटा है।

भाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी ने बताया कि राजकिशोर ने पहले बिहार से पिछड़े वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र बनवाया। लेकिन यह प्रमाण-पत्र निर्वाचन के नियमावली के अनुरूप नहीं था। इसके बाद राजकिशोर आनन-फानन में बिहार राज्य के होने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के बाद भी कोरबा तहसील कार्यालय से जाति प्रमाण-पत्र बनवा लिए। इस फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित पार्षद का चुनाव लड़े। चावलानी का आरोप है कि नियमो को ताक में रख कर जाति प्रमाण-पत्र प्रशासनिक स्तर पर जारी कर दिया गया। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया है। चार अप्रैल को महापौर राजकिशोर व जिला निर्वाचन अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने कहा गया है। अशोक चावलानी की ओर से अधिवक्ता राजेश केशरवानी, सीके शर्मा तथा दीपक दुबे मामले की पैरवी कर रहे हैं।

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