गंगा नदी से निकाले गए 71 शव, प्रशासन ने मिट्टी में दफनाया, लेकिन सवाल मार रहे अब भी उबाल..

 

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना का कोहराम जारी है. कई  राज्यों से जो कोरोना की तस्वीरें आ रही हैं, वे बेहद भयावह हैं. ये तस्वीरें लोगों को डरा रही हैं. हर कोई इन तस्वीरों को देखकर सहम जा रहा है. कोरोना के कारण जान गंवा रहे लोगों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान और कब्रगाहों में जगह नहीं मिल रही है. इसकी सबसे भयावह तस्वीर बिहार के बक्सर से सामने आई है. यूपी बॉर्डर से सटे इस जिले में अबतक 71 लाशें गंगा नदी से निकाले गए हैं. प्रसासन ने कोरोना सैंपल लेकर सभी लाशों को दफना दिया है.

गंगा से निकाले गए 71 शव

दरअसल, चौसा के महादेवा घाट और श्मशान घाट के बीच गंगा तट पर मिले शवों का पोस्टमॉर्टम करने के बाद उन्हें सम्मानजनक तरीके से पास ही गड्ढे कर मिट्टी में दफना दिया गया. सोमवार की पूरी रात गंगा तट पर ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई. इस दौरान गंगा से 71 शव निकाले गए. उनके शरीर के किसी अंग को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखते हुए रीति रिवाज के साथ उन्हें दफना दिया गया.

प्रशासन ने मिट्टी में दफनाया शव

गंगा तट पर बड़ी संख्या में शव मिलने की मीडिया में खबर आने के बाद सोमवार की देर शाम जिलाधिकारी अमन समीर और आरक्षी अधीक्षक नीरज कुमार सिंह भी महादेवा घाट पहुंचे. डीएम ने सभी शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद सम्मान पूर्व उनकी अंत्येष्टि के निर्देश दिए.  उन्होंने बताया कि यहां जो भी शव मिले हैं, वे बक्सर के नहीं हैं और कहीं और से बहकर यहां लगे हैं.

रातों-रात शव इकट्ठा कर प्रशासन ने कराई जांच

मीडिया में खबर आने के बाद जेसीबी से श्मशान स्थल पर गड्ढे की खुदाई कराई गई. उसके बाद शवों की मेडिकल जांच के बाद ढंकने की तैयारी की गई. देर रात चौसा श्मशान स्थल पर प्रशासन के वाहनों का काफिला लग गया. घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस टीम और चिकित्सीय टीम के अलावा किसी को जाने की इजाजत नहीं थी. लाइट भी बंद कर दिए गए थे. टार्च की रोशनी में शवों की जांच कर नमूने लिए गए. गंगा तट से 71 शवों को बाहर निकाला गया और अंतिम संस्कार किया गया.

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