शहनाज हुसैन ने बताया योग के जरिए कैसे बढ़ा सकते हैं सुंदरता

सदियों से भारतीय जीवनशैली में सम्मिलित योग, हमारे जीवन की संजीवनी है, इस बात को कम ही लोग समझते हैं। योगासनों के जरिए आप स्थायी आंतरिक और बाह्य सौंदर्य को पा सकती हैं। प्रतिदिन महज आधा घंटा सुबह और शाम सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, उत्थान आसन, धनुरासन और सांसों की क्रिया के माध्यम से आप अपने यौवन और नैसर्गिक सौंदर्य को जीवन-पर्यंत बनाए रख सकती हैं। त्वचा में आती है प्राकृतिक चमक : अनिद्रा, तनाव से पैदा होने वाले कील-मुंहासे, काले धब्बों की समस्याओं के स्थायी उपचार में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्थान आसन के लगातार अभ्यास से आप कील-मुंहासे, काले धब्बों की समस्याओं का स्थायी उपचार पा सकती हैं। कपालभाती शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालकर खून को साफ करने में मदद करता है। उससे शरीर में हल्कापन महसूस होता है। धनुरासन से शरीर में रक्त का प्रभाव बढ़ता है, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे शरीर की त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है। त्वचा और शरीर में दीर्घकालीन यौवन बना रहता है। होती है नेचुरल क्लींजिंग : प्राणायाम, सही तरीके से सांस लेने का श्रेष्ठ माध्यम है। प्रतिदिन 10 मिनट तक प्राणायाम से मानव शरीर की नेचुरल क्लींजिंग हो जाती है। प्राणायाम से मानव मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, इससे सही ढंग से रक्त संचार होता है। Also Read – इन असरदार योगासन से महिलाएं खुद को बना सकती हैं स्वस्थ और सुंदर बाल होते हैं स्वस्थ : जब मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, तो इससे बालों की प्राकृतिक रूप से वृद्धि होती है। बालों का सफेद होना और झड़ने जैसी समस्या को रोकने में भी मदद मिलती है। योग से सिर की खाल और बालों के कोश में रक्त संचार और ऑक्सीजन का व्यापक प्रवाह होता है। इससे बालों को पौष्टिक तत्व पहुंचते हैं, जिससे बालों की वृद्धि होती है, सिर की त्वचा भी स्वस्थ होती है। शरीर बनता है लचकदार: योगासन से रीढ़ की हड्डी और जोड़ों को लचकदार बनाया जा सकता है। इससे शरीर सुदृढ़ और फुर्तीला बनता है। योग मोटापा कम करने में भी सहायक होता है। इससे मांस-पेशियां नरम और मुलायम हो जाती हैं। योग से थकान से मुक्ति मिलती है। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। हम चुस्त-दुरुस्त रहते हैं। रुकता है बढ़ती आयु का प्रभाव : सूर्य नमस्कार के अभ्यास से पूरे शरीर में नवयौवन का संचार होता है। इस आसन से शरीर पर बढ़ती आयु के प्रभाव को रोका जा सकता है। सूर्य नमस्कार, शरीर पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में सहायक होता है। चेहरे की झुर्रियों से मुक्ति पाने के लिए सूर्य नमस्कार और प्राणायाम दोनों बहुत प्रभावी हैं। मानसिक संतुलन में मददगार : योग से आंतरिक अंगों की रंगत में निखार आता है। योग से नाड़ी तंत्र को स्थिर रखने में मदद मिलती है। इससे तनाव को कम करने और मानसिक संतुलन में भी लाभ मिलता है। योग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे सांसों पर नियंत्रण रहता है। योगाभ्यास के दौरान सांस खींचने और सांस बाहर निकालने की सही विधि से श्वांस को संयमित करने में मदद मिलती है, जो शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक होती है। लू से बचना है तो कच्ची कैरी पर नमक लगाकर खाएं, जानें इसके और भी कई फायदे बढ़ता है आंतरिक सौंदर्य: योग, सौंदर्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि आंतरिक सौंदर्य से ही संपूर्ण शारीरिक सौंदर्य की प्राप्ति की जा सकती है। योग से रक्त-संचार के प्रवाह में सुधार होता है, जिससे त्वचा की सतह तक पर्याप्त मात्रा में रक्त संचार होता है, यह रक्त संचार सुंदर त्वचा के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे त्वचा को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, जिससे त्वचा निखरी हुई दिखाई देती है

बाहर निकलते हैं शरीर के विषैले तत्व: योगाभ्यास से शरीर के विषैले तत्व त्वचा के माध्यम से बाहर निकलते हैं। इससे त्वचा में रंगत और स्फूर्ति आती है। योग से सौंदर्य में व्यापक निखार आता है, यह त्वचा को ताजा रखकर बीमारियों से पूरी तरह मुक्त रखता है। योग से शरीर के हर टिश्यू को ऑक्सीजन प्राप्त होती है, इससे सौंदर्य ही नहीं बढ़ता, शरीर भी स्वस्थ रहता है। दूर होता है मानसिक तनाव : योग से तनाव को कम करने और शांत मानसिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है। बहुत सी सौंदर्य समस्याएं मानसिक तनाव की वजह से उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं से निजात पाने में योग मददगार साबित होता है। वास्तव में नियमित रूप से योगाभ्यास, तनाव से मुक्ति प्रदान करता है, जिससे त्वचा पर रंगत वापस आ जाती है। शुद्ध रहता है तन-मन: योग करने वाले युवाओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया है कि इससे उनके व्यक्तित्व में भावनात्मक स्थिरता आती है, साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इसका उनकी भावनाओं पर सीधा प्रभाव दिखाई देता है। वे अपने भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस करते हैं। इस तरह योगाभ्यास द्वारा तन-मन दोनों की शुद्धि होती है, हम निरोगी रहते हैं। योगाभ्यास से मन को स्वस्थ और शांत बनाया जा सकता है। इसलिए नियमित योग कीजिए और स्वस्थ-सुंदर बने रहिए।

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