पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका,अब सांसदों ने की बगावत…

Spread the love

Chhattisgarh.Co 18 जुलाई 2022  : महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पहले हाथ से सत्ता निकल गई वहीं अब पार्टी को बचाने की जद्दोजहद जारी है. जिसमें हर रोज नया मोड़ आ जाता है. अब खबर है कि एकनाथ शिंदेगुट ने शिवसेना की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है. एकनाथ शिंदे गुट ने पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया है. शिवसेना के मुख्य नेता के तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को चुना गया है.

शिवसेना पक्ष प्रमुख पद को फिलहाल हाथ नहीं लगाया गया है. विधायक दीपक केसरकर की प्रवक्ता के तौर पर नियुक्ति की गई है. शिवसेना नेता के तौर पर रामदास कदम और आनंदराओ अडसूल को नियुक्त किया गया. शिवसेना के उप नेता के तौर पर यशवंत यादव गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शरद पोंक्षे, तानाजी सावंत, विनय नाहटा, शिवाजीराव पाटिल को चुना गया है.

शिवसेना के कई सांसद शिंदे गुट की बैठक में हुए शामिल

इसके अलावा सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि मुंबई के ट्राइडेंट होटल में शिवसेना शिंदे गुट की बैठक में शिवसेना के 13-14 सांसद ऑनलाइन उपस्थित हुए थे. गौरतलब है कि पहले ही शिवसेना के 55 विधायक दो गुटों में बंट गए हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे को 40 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि 15 विधायक पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के साथ हैं. वहीं अब शिंदे गुट ने 12-14 सांसदों के साथ आने का दावा किया है.

उद्धव ठाकरे ने भी की थी सांसदों के साथ बैठक 

एक हफ्ते पहले ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के सांसदों की बैठक ली थी. ये बैठक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई थी. ज्यादातर शिवसेना सांसदों ने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की बात कही थी. इस बैठक में शिवसेना के 18 लोकसभा सदस्यों में से 13 ने भाग लिया था. हालांकि शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि 18 लोकसभा सदस्यों में से 15 ने उद्धव ठाकरे के निजी आवास पर हुई बैठक में भाग लिया.

सांसदों के सुझाव के बाद किया था द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का एलान 

बहरहाल, सांसदों के सुझाव को मानते हुए उद्धव ठाकरे ने द्रौपदी मुर्मू  का समर्थन करने का एलान किया था. क्योंकि पहले ही बागी विधायकों की वजह से उद्धव ठाकरे के हाथ से सत्ता निकल चुकी है. इसलिए वो अब पार्टी बचाने के लिए सांसदों का साथ चाहते हैं. बता दें कि, महाराष्ट्र  में 18 लोकसभा के सांसदों के अलावा, केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से कलाबेन डेलकर भी शिवसेना  सांसद हैं. वहीं राज्यसभा में भी शिवसेना के तीन सांसद हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *