छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : बीजेपी विधायकों ने धर्मांतरण का मुद्दा उठाया,स्थगन प्रस्ताव पेश चर्चा की मांग की…

 

 

Monsoon session of Chhattisgarh assembly from 26 to 30 july

chhattisgarh.co  28 july २०२१ छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने धर्मांतरण का मुद्दा उठाया. सरकार के संरक्षण में इस कार्य के जारी रहने की बात कहते हुए कहा कि यह कार्य पहले वनवासी क्षेत्रों में हुआ करता था, जो आज मैदानी इलाकों तक फैल चुका है. विपक्ष ने धर्मांतरण पर स्थगन प्रस्ताव पेश कर चर्चा की माँग की. आसंदी ने इस पर बाद में व्यवस्था देने की बात कही.

बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को राज्य में बसाया जा रहा है. आदिवासी संस्कृति ख़त्म करने की साज़िश चल रही है. सरकार के संरक्षण में धर्मांतरण चल रहा है. नया रायपुर में एक अधिकारी इस काम में लगे हैं. सुकमा के एसपी ने इसे लेकर पत्र लिखा था. उनके पत्र लिखने के बाद उन्हें डराया धमकाया जा रहा है. मेरी विधानसभा में ढाई सालों में पाँच हज़ार लोगों को बसा दिया गया.

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पहले सिर्फ़ वनवासी क्षेत्रों तक ये सीमित था लेकिन आज मैदानी इलाक़ों में भी धर्मातरण तेज़ी से फैल रहा है. अम्बिकापुर के महामाया पहाड़ में देश के बाहर के लोगों को लाकर बसाया गया है. ये संस्कृति को नष्ट करने वाले लोग हैं. हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जाँच की जानी चाहिये.

शिवरतन शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में सुनियोजित ढंग से धर्मांतरण का काम चल रहा है. मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में ही धर्मातरण का काम चल रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने सरगुज़ा कलेक्टर को पत्र लिखा कि महामाया पहाड़ में रोहिंग्या को बसाया जा रहा है, इस पर कार्रवाई करें. पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि राज्य में लोग समारु से सेम्युअल हो रहे हैं. क्या इस सरकार को खुली छूट दे दी जाये कि प्रिमैटिव ट्राइब को कनवर्ट कर दिया जाये. इस स्थिति की चिंता की जानी चाहिये.

अजय चंद्राकर ने विषय पर कहा कि ये गम्भीर स्थिति है. नियोगी कमीशन बना था कि जशपुर में धर्मांतरण बहुत हो रहा है, और इस कमीशन को पंडित रविशंकर शुक्ला ने बनाया था. वह कांग्रेस के ही थे. ये सरकार उस कमीशन के एक सुझाव का भी पालन नहीं करा रही. मिशनरी धर्म परिवर्तित करने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने जैसी कई अनुशंसा है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यदि धर्मातरण को लेकर गवाही माँगते है और स्वास्थ्य मंत्री कलेक्टर को पत्र लिखते हैं तो क्या ये गवाही नहीं है? सवाल इस बात का है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी चीजों की आड़ में धर्मांतरण होना और उस पर सरकार का संरक्षण मिलना. छत्तीसगढ़ का चरित्र बदल जायेगा.

जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि इस स्थगन में किसी जाति विशेष को लेकर टिप्पणी नहीं की गई है. क्या रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशी मुसलमानों को छत्तीसगढ़ में बसाने का आदेश दिया है? आने वाली पीढ़ी सवाल करेगी. इस पर सरकार को गम्भीर होना चाहिये. एसपी यदि पत्र लिख रहा है तो क्या उसे संज्ञान में नहीं लिया जाना चाहिये.

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ ही है. यहाँ के लोग शांत हैं, इनके लिए ही शिक्षा, स्वास्थ्य की व्यवस्था करनी है फिर कहाँ से ये लोग आ रहे हैं. आज इस स्थिति को नहीं रोकी गई तो छत्तीसगढ़ को बंगाल और असम बनने से कोई नहीं रोक सकता. मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि यदि बाहर से आ रहे हैं तो हम रोकेंगे या केंद्र रोकेगा.

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