IND vs NZ 2nd ODI: टीम इंडिया के लिए ‘करो या मरो’ की जंग, सीरीज जीतने पर होगी कीवी टीम की नजर

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Chhattisgarh.Co 26 November 2022:  भारतीय टीम रविवार को हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला खेलने उतरेगी। पहला मैच 7 विकेट से गंवाने के बाद टीम इंडिया के लिए यह ‘करो या मरो’ की जंग होगी। इस बार टीम को उम्मीद होगी फिर से कप्तान शिखर धवन और युवा शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी से। पहले मुकाबले में 124 रनों की पार्टनरशिप करने के बाद देखना होगा सेडन पार्क के तीनों ओर से खुले मैदान पर यह जोड़ी क्या करती है।

हैमिल्टन का यह मैदान न्यूजीलैंड में बल्लेबाजों के लिए सबसे मददगार मैदानों में से एक है। यहां का ग्राउंड डाइमेंशन और पिच दोनों ही बल्लेबाजों के मददगार रहती है। ईडन पार्क जैसे छोटे मैदान पर भारत का पहले खेलते हुए सात विकेट पर 306 रन का स्कोर करीब 40 रन कम रह गया था। गेंदबाजों ने महज 47 ओवर में ही ये रन गंवा दिए और कीवी टीम के सिर्फ तीन विकेट ही गिरे। जिससे जिम्मेदारी फिर मेन बल्लेबाजों पर ही आ जाती है क्योंकि अगर वाशिंगटन सुंदर ने शानदार योगदान नहीं दिया होता तो भारत 300 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाता। यह काफी हद तक पहले पॉवरप्ले में धवन और गिल की बेहद धीमी बल्लेबाजी से ही हुआ।

यहां पर मैदान के मुताबिक रन नहीं बने थे। भारतीय टीम लगातार शुरुआती ओवरों में अटैक करने के मामले में पिछड़ रही है। वो चाहें टी20 हो या वनडे दोनों फॉर्मेट में ऐसा ही दिखा है। ऑकलैंड में टीम पहले पावरप्ले के 10 ओवरों में कम से कम 40 रन से पिछड़ी। एक और आंकड़े से भारतीय शीर्ष क्रम बल्लेबाजों के सीमित ओवर के प्रारूप में रवैये का पता चलता है (इसमें सिर्फ रोहित शर्मा, केएल राहुल या विराट कोहली ही शामिल नहीं हैं)। धवन और गिल ने शुरुआती ओवरों में काफी डॉट बॉल खेलीं।

नहीं बदल रहा यह रवैया…

धवन ने 77 गेंद में 72 रन बनाए जिसमें 13 चौके जड़े थे। जिससे उन्होंने 13 गेंदों में चौकों से 52 रन जोड़े। जबकि बचे हुए 20 रन के लिए उन्होंने 64 गेंद खेली और इसमें से 44 ‘डॉट’ गेंद रहीं क्योंकि वह पावरप्ले में रन नहीं बना पा रहे थे। जहां कप्तान एक ओर जूझ रहे थे, वहीं गिल ने एक और अर्धशतक जड़कर अपने कुल औसत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन उनकी पारी की रफ्तार भी बहस का विषय है। उन्होंने 65 गेंद में 50 रन बनाए जिसमें तीन छक्के और एक चौका जड़ा था। मतलब चार गेंद में 22 रन बने। उन्होंने बाकी के 28 रन 61 गेंद खेलकर बनाए। पारी की नींव तैयार करने और तेजी से रन जुटाने का काम अंत की ओर छोड़ने के इसी रवैये से भारत ने टी20 विश्व कप गंवा दिया लेकिन हैरानी की बात है कि इस सीरीज में भी बदलाव की बजाय रवैया पुराना ही है।

आपको बता दें कि आजकल भारतीय टीम में काफी कम्पटीशन है। पारी का आगाज करने के लिए ही इतने सारे खिलाड़ी मशक्कत कर रहे हैं तो यह निहायत ही जरूरी है कि, खिलाड़ी तेजी से रन बनाएं ताकि 50 ओवर के विश्व कप से तीन या चार महीने पहले नया अंदाज देखने को मिले। धवन निश्चित रूप से अगले महीने बांग्लादेश में रोहित के साथ पारी का आगाज करेंगे और कोई गारंटी नहीं है कि शुभमन अंतिम 11 में अपना स्थान बरकरार रख पाएंगे। क्योंकि रोहित सलामी बल्लेबाज के तौर पर वापसी करेंगे। केएल राहुल मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव (अगली श्रृंखला के लिए आराम दिए जाने पर) का स्थान ले सकते हैं।

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