परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : विद्युत की कटौती और आंख मिचौली से इन दिनों पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राएं काफी परेशान हैं। परीक्षा शुरू है छात्राओं की पढ़ाई सर पर है लेकिन सुबह, दिन और रात में विद्युत विभाग की आंख मिचौली से छात्राएं परेशान हैं। एक वर्ष का मेहनत और पालकों के खर्च उनके बच्चे परीक्षा में अच्छे अंक से उत्तीर्ण होते हैं तभी सफल होता है एक ओर सरकार शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात करते हैं वहीं भरे परीक्षा के दिनों में विद्युत आपूर्ति ठप्प पड़ा है परीक्षा शुरू हुए आधे दिन गुजर गया लेकिन विद्युत कटौती में सुधार नहीं हो पाना शिक्षा के लिए प्रशासन और सरकार कितने संजिदा है ये दर्शाता है। इन दिनों रसेला और छुरा क्षेत्र में ये वाक़या देखने को मिलता है।
वहीं एक ओर कृषक वर्ग लो वोल्टेज और विद्युत कटौती को लेकर परेशान हैं कई किसानों की फसल सुखने के कगार पर है और किसान कर्ज लेकर इतनी मंहगाई में खेती करते हैं वे काफी चिंतित हैं। वहीं किसानों के द्वारा कृषक उन्नति योजना के दिन 12 मार्च को छुरा पहुंचे गरियाबंद कलेक्टर, विधायक के पास भी अपनी समस्याएं रखी गई जिन पर जल्द सुधार का आश्वासन तो मिला लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
एक तरफ लो वोल्टेज इतना है कि उपभोक्ताओं के घरेलू पंखे,कुलर और घरेलू उपयोगी सिंगल फेस पंप भी नहीं चल पा रहा है जिससे स्कुली बच्चों को सुबह तैयार होकर स्कुल जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दुरस्थ ग्रामीण अंचलों के साथ ये समस्याएं सब स्टेशन स्थित छुरा नगर एवं रसेला में भी यही हाल है। आखिर उपभोक्ताओं को बिजली का बिल तो पुरा भरना ही पड़ता है लेकिन इन समस्याओं की जवाबदेही आखिर किसकी है क्या सरकार, विद्युत विभाग या फिर विद्युत विभाग के ठेकेदारों की?
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