दंतेवाड़ा : लोन वर्राटू (घर वापस आईये) नक्सल उन्मूलन अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गाँव गाँव तक किया जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप यह बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण देखने को मिल रहा है।नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके मलांगेर एरिया कमेटी के प्रतिबंधित संगठन में नीलावाया पंचायत जनताना सरकार सदस्य/मेडिकल टीम कमाण्डर हांदा मण्डावी,बुरगुम पंचायत मिलिषिया सदस्य शषी मड़काम,बुरगुम पंचायत सीएनएम सदस्य बण्डी पोड़ियाम निवासी बुरगुम पेरमापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा ने दिनांक 24 मई को डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।उपरोक्त माआवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी दन्तेवाड़ा एवं 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा का विषेष योगदान रहा।
जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ सभी भटके हुए माओवादियों से अपील करती है कि हिंसा की धारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए निकटतम थाना अथवा कैंप में सम्पर्क करें और क्षेत्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे।पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुनर्वास योजना के तहत् 25-25 हजार रूपये प्रोत्साहन राषि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदाय कराया जायेगा।लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 180 ईनामी माओवादी सहित कुल 805 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।
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