राजनांदगांव : कोचियों से कमीशन के लिए दबाव बनाने के आरोपों से घिरा आबकारी विभाग मामले की जांच तो करा रहा है, लेकिन उसकी निष्पक्षता पर अभी से प्रश्न खड़े हो रहे हैं। इंटरनेट मीडिया में जो वीडियो प्रसारित हुआ है, वह विभाग की उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन का होने का दावा किया गया है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि वीडियो किसने प्रसारित की, लेकिन आरोपों के घेरे में आई महिला अधिकारी के मोबाइल की जांच ही नहीं की जा रही। जानकारों का कहना है कि वाट्सअप कालिंग के रिकार्ड से भी जांच में महत्वपूर्ण तथ्य मिल सकते हैं। लेकिन मामला सामने आने के चार दिन बाद भी ऐसा नहीं किया जाना जांच की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
कोचियों से कमीशन के आरोपों से घिरी तुलेश्वरी देवांगन के प्रभार क्षेत्र में कुल पांच शराब दुकानें हैं। इनमें मोहारा बायपास की दो, रेवाडीह बायपास की दो व रेवाडीह चौक की एक दुकान शामिल है। इन सभी दुकानों में सुपरवाइजर, सेल्समैन व अन्य को मिलाकर प्लेसमेंट एजेंसी के 60 सेे अधिक कर्मचारी हैं। इन्हीं में से किसी ने वाट्सअप कालिंग पर हो रही बातचीत को दूसरे मोबाइल पर रिकार्ड किया है। जांच को भटकाने के लिए उन्हेीं कर्मचारियाें पर यह किसने किया बताने के लिए दबाव बनाया जा रहा। पता चला है कि उन्हें नौकरी से हटवाने का भी भय दिखाया जा रहा है। जांच कहां तक पहुंची और क्या प्रक्रिया की जा रही है, जांच अधिकारी अतिरिक्त जिला आबकारी अधिकारी कुसुमलता जोल्हे ने इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। कार्यालय आने पर सोमवार को जानकारी दी जाएगी।
जब्त नहींं जांच होगी
हम विभागीय स्तर पर जांच कर रहे हैं। यह कोई आपराधिक मामला नहीं है। साथ ही हमें किसी का मोबाइल जब्त करने का भी अधिकार नहीं है। हां, उप निरीक्षक के मोबाइल की जांच अवश्य की जाएगी।
यदुनंदल राठौर, सहायक आयुक्त, आबकारी
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