राजनंदगांव : नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा ने शहरी क्षेत्र के चुनाव को लेकर पिछले कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के अधिकार को हनन करने वाले कांग्रेस प्रदेश में अपनी हार स्वीकार करते हुए पार्षदों का खरीद फरोक कर शहरी क्षेत्र में अपनी महापौर बनाया। वहीं भाजपा सरकार आते ही नगरी प्रशासन मंत्री का बयान आया कि शहरी क्षेत्र के मतदाताओं को शहर के प्रथम नागरिक बनाने के अधिकार आने वाले 2024 के नगर निगम चुनाव में यह अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकसभा चुनाव के बाद अब शहरी सरकार बनाने का अधिकार इस बार शहर की जनता को है। साथ ही मतदाताओं को दो वोट देंगे।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश में 5 वर्ष बाद प्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले महापौर, पालिका अध्यक्ष, और नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होना है। नगरी निकाय का चुनाव आने वाले दिसंबर में होना है। 15 वर्ष के भाजपा कार्यकाल में महापौर को मतदाता सीधे चुनते रहे। 2018 में कांग्रेस की भूपेश सरकार ने एक्ट में संशोधन सामान्य सभा में बहुमत दल के नेता को चुनने की प्रक्रिया कांग्रेस इसमें बहुमत हासिल करने रायपुर से लेकर कई निगम पालिका पंचायत में पार्षदों की खरीद फरोरव्त के साथ एमआईसी सदस्य बनाए गए हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही लोगों में चर्चा का विषय बन गया कि भाजपा महापौर का चुनाव जनता के द्वारा चुना जाएगा। जो सही साबित हुआ। नगरी निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से, पार्षद एवं महापौर के लिए दो वोट मतदाताओं को देना होगा तथा चुनाव ईवीएम मशीन से होगा। निकाय चुनाव के लिए आम चुनाव के ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया जाता इनके लिए ईवीएम अलग ही होते हैं जो इस समय राज्य निर्वाचन आयुक्त के अधीन जिलों में उपलब्ध रहते हैं।
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