प्रासंगिक है सदगुरू कबीर साहेब की जीवनीः कुलबीर 

 प्रासंगिक है सदगुरू कबीर साहेब की जीवनीः कुलबीर 


 राजनांदगांव : शांतिनगर वार्ड नं. 10 में संत शिरोमणी गुरू कबीर साहेब जी की 627वां प्राकट्य समारोह का आयोजन भारतीय कोसरिया मानिकपुरी समाज द्वारा किया गया, जिसमें संत साहेब अमरदास ओगरे व महंत  भीमदास जी साहेब द्वारा चौक-आरती के साथ संपन्न कराया। समारोह में बतौर आतिथ्य के रूप में शामिल होकर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने संत शिरोमणी संत कबीर साहेब के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की तत्पश्चात महंत संत साहेब जी को शॉल-श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया।कबीर प्राकट्य समारोह को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि संत शिरोमणी कबीर दास जी महज एक नाम नहीं हैं वह मानवता की एक पूरी मिसाल हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन कबीर साहेब का जन्म हुआ था मैं आज उनकी 627वां प्राकट्य महोत्सव पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूँ।

श्री छाबड़ा ने आगे कहा कि मानव समाज में एक समय ऐसा था जब समाज में सामाजिक कुरीतियों का प्रचलन था, पूरा समाज संकट के दौर से गुजर रहा था ऐसे संकटकाल के समय संत कबीरदास साहेब जी का अवतरण हुआ और उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए समाज को एक नई रौशनी दिखाई और जनमानस को नई दिशा की ओर अग्रसर किया। महंत कबीर साहेब जी की वजह से ही सामाजिक कुरीतियां दूर हुई और समाज नवनिर्माण की ओर अग्रसर हुआ। कबीर साहेब के सिद्धांत व जीवन प्रांसगिक है। कबीर दास ने अपने दोहों, विचारों और जीवनवृत्त के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक, आध्यात्मिक जीवन में अतुलनीय योगदान है। मानवता को उनकी देन को भुलाया नहीं जा सकता। वर्तमान पीढ़ी सदैव कबीर साहेब जी के ऋणी रहेगा। समारोह में प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहम्मद यहया, पूरदास मानिकपुरी, धनेश्वरदास मानिकपुरी, ओमनदास मानिकपुरी, मनीषदास मानिकपुरी, पोषणदास मानिकपुरी, ज्ञानदास मानिकपुरी, अंजोरदास मानिकपुरी, सुशीलदास, राजेशदास, समयदास, मेवादास, भीखमदास, शंकरदास बघेल, बाबूदास, अमोददास सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें व स्वजाति बंधु शामिल थे।
 








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