दंतेवाड़ा : जिला दन्तेवाड़ा में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप यह बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण देखने को मिल रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 05 ईनामी माओवादियों सहित 17 माओवादियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत दिनांक 26 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।उपरोक्त माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में आसूचना शाखा सीआरपीएफ आर एफ़ टी रेंज दंतेवाड़ा,111वी वाहिनी सीआरपीएफ, 230 वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 195 वीं वाहिनी सीआरपीएफ तथा डीआरजी बस्तर फाईटर्स दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा।
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