राजनांदगांव : 27 जून को शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर के निर्देशन में 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए कानूनों के जागरूकता बाबत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के एडिशनल एसपी मुकेश ठाकुर और छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर से हेमंत नंद गौरी,सहायक प्राध्यापक द्वारा नए कानून के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. शैलेंद्र सिंह ने वैदिक काल से लेकर अंग्रेजों के शासन तक दंड प्रक्रिया की सामान्य जानकारी दी।मुख्य वक्ता के रूप में शामिल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश ठाकुर ने नए कानूनों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अंग्रेजो के जमाने से लागू कानूनों में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए किए है।
मुख्य रूप से एफ.आई.आर दर्ज करने के लिए अब व्यक्ति कही भी एफ.आई.आर दर्ज कर सकता हैं,वह चाहे तो ऑनलाईन माध्यम से भी कर सकता हैं परंतु तीन दिन के अंदर उसे निकटस्थ थाने में उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने होंगे,नए कानूनों में लैंगिक भेदभाव को समाप्त कर दिया गया है। नवीन न्यायिक अधिनियम की चर्चा करते हुए श्री हेमंत नंदा गैरी, सहायक प्राध्यापक,विधि, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय,रायपुर ने कहा कि आई.पी.सी की जगह भारतीय न्याय संहिता, इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता वही सी.आर.पी.सी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को लागू किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि माँब लीचिंग और नाबालिक से दुष्कर्म पर मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम के अंत में श्री हिरेंद्र बहादुर ठाकुर, सहायक प्राध्यापक, इतिहास ने आभार व्यक्त किया।उक्त अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बहुत संख्या में छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।
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