राजनांदगांव : जिला न्यायालय में बुधवार को सम्पन्न हुए जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में। संघ के पूर्व अध्यक्ष रहे मिलन सार व्यक्तित्व के धनी अधिवक्ता मनोज चौधरी ने अपने निकटतम प्रत्याशी नारायण कन्नौजे को 14 मतों से मात देकर अध्यक्ष पद पर फिर काबिज हो गए है। इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर अशोक रजक व सचिव पद पर अधिवक्ता राजेश खांडेकर ने अपने निकटतम प्रत्याशियों को मात देकर जीत का सेहरा अपने सिर माथे पर कर लिया है।
जिले के अधिवक्ता मनोज चौधरी की जीत पर सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताजनों की खुशी द्विगुणित हो गई और परिणाम आते ही श्री चौधरी को गुलाल लगाकर हार-फूलों से स्वागत किया। इस बीच जिला न्यायालय के वरिष्ठ कनिष्ठ वकीलों ने उनके साथ फोटो खींचवाई एवं सेल्फी ली। अधिवक्ता श्री चौधरी की जीत पर शहर के जाने-माने अधिवक्ताओं से राय जानने पर उन लोगों ने बताया कि श्री चौधरी काफी मिलनसार व्यक्ति है। यही वजह है कि सभी वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं का उन्हें साथ मिला और वे अपने प्रतिद्वंदी अधिवक्ता नारायण कनौजे को 14 मतों से मात देकर पुनः जिला बार एसोसिशन के अध्यक्ष पद पर काबिज हुए। इस चुनाव में अधिवक्ता मनोज चौधरी को कुल 192 मत मिले, वही नारायण कन्नौजे को 178 व मौलेश तिवारी को 100 मत मिले। इसमे 8 मत अवैध रहे। सचिव बने राजेश खांडेकर बता दे कि अधिवक्ता संघ के चुनाव में कुल 548 में से 472 सदस्य अधिवक्ताओं ने मतदान किया। चुनाव में सचिव पद के लिए नरेश कुमार गंजीर व राजेश खांडेकर के बीच कड़ा मुकाबला रहा। मतदान पश्चात गुरूवार को चुनाव परिणाम आने पर अधिवक्ता राजेश खंडेकर को कुल 210 मत मिले वही नरेश कुमार गंजीर ने कुल 167 मत पाया। अवैध मत 8 पड़े इससे राजेश खांडेकर ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी गंजीर को 43 मतों से मात देकर अपनी जीत दर्ज की।
इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर अशोक रजक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी देवेशदत्त दास वैष्णव को 48 मतों से पराजित कर जीत का परचम लहराया अधिवक्ता रजक को कुल 170 वोट मिले वही देवेश दत्त को 122 व सचिव पद पर त्रिकोणिय मुकाबला बनाए तहसील कार्यालय के नोटरी एवं अधिवक्ता मोरध्वज साहू को 100 वोट मिले। अवैध मतों की संख्या 15 रही।
बता दे कि जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी के लिए पुरूष पद के छह प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। इसमें भागवत साहू को 219 मत, हरिलाल पटवा को 195 मत, महेन्द्र कुमार शर्मा को 170 मत, नरेश कुमार शर्मा को 245 मत तथा वीरेन्द्र मुक्ति को 137 मत मिले। इसमें 7 मत अवैध रहे। अतः उपरोक्त नाम धारी अधिवक्ताओं को कार्यकारिणी के लिए चुन लिया गया। मतदान प्रक्रिया के पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव सम्पन्न कराने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता उमांकांत भारद्वाज तथा उनके सहयोगी रहे अधिवक्ता एल.डी.हिरवानी व गुणेन्द्र साव (गुल्ल) सहित समस्त अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष निर्वाचित हुए मनोज चौधरी, सचिव राजेश खांडेकर व उपाध्यक्ष अशोक रजक को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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