न्यायिक अधिकारियों, पुलिस स्टाफ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों की उपस्थिति में जिले के समस्त थाना चौकी में किया गया कार्यक्रम आयोजित

न्यायिक अधिकारियों, पुलिस स्टाफ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों की उपस्थिति में जिले के समस्त थाना चौकी में किया गया कार्यक्रम आयोजित

 

गोलू कैवर्त संभाग प्रमुख छत्तीसगढ़ बलौदाबाजार  : देश में पुराने तीन अपराधिक कानून 1जुलाई सोमवार  से बदल जाएंगे, उनकी जगह नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो जाएंगे। अब नए कानून के तहत ही प्रकरण दर्ज होंगे। भारत के नए कानून, विशेष रूप से भारतीय न्याय संहिता, का उद्देश्य न्याय प्रणाली को और अधिक आधुनिक और प्रगतिशील बनाना है। पुराने कानून भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, और इंडियन एविडेंस एक्ट को प्रतिस्थापित कर 03 नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लाए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता लाना है, जिससे हर नागरिक को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल सके। नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना है। भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार यह सुनिश्चित किया गया है, कि न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो। नये कानून के तहत त्वरित कार्यवाही से न केवल पीड़ित को समय पर न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि कानून और न्याय प्रणाली उनकी सुरक्षा और अधिकारों के लिए हमेशा तत्पर है। 

जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस न्याय की दिशा में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह नया कानून भारतीय समाज को एक न्यायपूर्ण, समान और सुरक्षित समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, तत्संबंध में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में भी पूरी तैयारी कर ली गई है। जिसके तहत आज दिनांक 01.07.2024 को जिले के समस्त थाना/चौकी एवं पुलिस सहायता केंद्र में माननीय न्यायिक अधिकारी, पुलिस स्टाफ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों की उपस्थिति में "पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण", एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, पुलिस अधिकारियों द्वारा नए कानून के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। नए कानूनों का उद्देश्य आधुनिक न्याय व्यवस्था को लागू करना है। भारतीय दंड संहिता में पूर्व में कुल 511 धाराएं थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं सम्मिलित की गई है। अपराधिक कानून में बदलाव के साथ ही इसमें शामिल धाराओं का क्रम भी बदला गया है। 

शुन्य में एफआईआर, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से सम्मन भेजना और जघन्य अपराध की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी करने जैसे प्रावधान नए कानून में अनिवार्य कर दिए गए हैं। नए कानून का मुख्य उद्देश्य अब आमजनों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करवाना है। नए कानून के तहत जिले के थाना सिमगा में प्रथम अपराध दर्ज किया गया है। आज दिनांक 01.07.2024 को थाना सिमगा में प्रार्थी की रिपोर्ट पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296,351(3),115(2), 3(5),109 के तहत 02 आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबध्द किया गया है।










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