अब जो बारिश की इनायत हुई, तो लगा कि जैसे कुदरत की मेहरबानी हुई...

अब जो बारिश की इनायत हुई, तो लगा कि जैसे कुदरत की मेहरबानी हुई...

राजनांदगांव  :  अब जो बारिश की इनायत हुई, तो लगा कि जैसे कुदरत की मेहरबानी हुई। बारिश के साथ ही राजनांदगांव शहर की हरीतिमा मुग्ध कर रही है। शासन की मंशा के अनुरूप शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन जल रक्षा अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वृक्षारोपण महाभियान अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा उद्योगों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं जनसहभागिता से सघन पौधरोपण किया गया और जिले भर में 40 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के तालाबों, शासकीय स्कूलों, चारागाह, पशु आश्रय स्थल, आंगनबाड़ी, धान खरीदी केंद्र, विभिन्न सड़कों में पौधरोपण किया गया। कहते हैं कि प्रकृति रक्षति रक्षित: अर्थात् प्रकृति उसकी रक्षा करती हैं जो प्रकृति की रक्षा करते हैं। ऐसी ही एक बानगी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिले भर में दिखाई दी। जैव विविधता के संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति तादात्म्य बनाये रखने के लिए जिलेवासियों का जज्बा एवं जूनून एक अलग ही रूप में प्रगट हुआ। इस बारिश में विभिन्न तरह के पौधे पुष्पित एवं पल्लिवत होंगे। शहर की यह फिजां देखकर निदा फाजली कि यह पंक्तियां प्रासंगिक लगती है- 

मुद्दत के बाद धूप की खेती हरी हुई,
अब के बरस, बरस गई बादल की ओढऩी

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए तथा पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए सभी सहभागी बने। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में संचालित वृक्षारोपण महाभियान में सभी दिल से जुड़कर शामिल हुए। पौधरोपण के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए। पौधरोपण के लिए मिशन मोड में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। मिशन जल रक्षा अंतर्गत जल संरक्षण अंतर्गत सबके सहयोग से कारगर कदम उठाये जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देशन में टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए जागरूकता लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लगातार समन्वय एवं मेहनत का सुखद परिणाम यह रहा कि एक ही दिन व्यापक पैमाने पर इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण किया गया। वन, जिला पंचायत, नगर निगम, कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, जिले के सभी उद्योग एवं स्वयं सेवी संस्थाएं द्वारा जनसहभागिता से वृहद रूप से कार्य किया गया। एक साथ इतने पैमाने पर पौधों की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली गई। अमरूद, जामुन, आम, आंवला, कटहल, बादाम, पीपल, बरगद, नीम, अनार, चीकू, नींबू, बेर, केला सहित विभिन्न वेरायटी के पौधों का रोपण किया गया। सेन्ट्रल ग्राऊण्ड वाटर बोर्ड के सर्वे के अनुसार डोंगरगांव, डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव क्रिटिकल जोन में आ गए हैं। लगातार बोर एवं पंप से भू-जल दोहन के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आयी है। जिले में मिशन जल रक्षा के तहत विभिन्न जलीय संरचनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 
   वृक्षारोपण महाभियान में स्वयं सेवी संस्थान अंतर्गत उद्याचल, ब्लू बर्ड फाउंडेशन, वृक्ष गंगा ग्रुप तथा उद्योगों में एबीस एक्सपोर्ट, कमल फुड्स प्राईवेट लिमिटेड, राजाराम मेज प्रोड्क्टस, सिम्पलेक्स इंजीनियरिंग एण्ड फाउंड्री वक्र्स, खेतान केमिकल्स, नाद नानवूवन प्राईवेट लिमिटेड, सनटेक जियो टेक्सटाईल्स प्राईवेट लिमिटेड, आरबी रूंगटा स्टील्स एण्ड फुड प्रोड्क्टस प्राईवेट लिमिटेड, के्रस्ट स्टील एण्ड पावर लिमिटेड, कमल साल्वेट एक्स्ट्रक्शन, जया स्पेशिलिटी केमिकल्स प्राईवेट लिमिटेड, हीरा स्टील्स लिमिटेड, एलेक्सर कार्बो प्राईवेट लिमिटेड, यूनीवेब्स स्लीपर्स प्राईवेट लिमिटेड, थर्मोकेयर रॉकवुल (आई) प्राईवेट लिमिटेड, रामदेव रिफाईनरी प्राईवेट लिमिटेड, वर्धमान रोप्स प्राईवेट लिमिटेड, जयसवाल निक्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, अम्बाभवानी फेब इंजीनियरिंग वक्र्स एलसीपी, आदर्श इस्पात उद्योग प्राईवेट लिमिटेड, ओरियेन्ट इस्पात प्राईवेट लिमिटेड एण्ड पीएस स्टील ट्यूब्स प्राईवेट लिमिटेड, पॉलीब्राण्ड रॉक फाईबर प्राईवेट लिमिटेड, विक्रांत रोप्स प्राईवेट लिमिटेड, एमजी रिकलेम्स, ग्रेबटेक फेब्रीक्स एलएलपी, कनक प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, एमजी रबर, डेकॉस बायो प्रोडक्टस प्राईवेट लिमिटेड, जैन इंडस्ट्रीयल, सांई प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, प्लांट नर्सरी, जिला तीरंदाजी संघ, युगांतर पब्लिक स्कूल, नीरज पब्लिक स्कूल, जेएलएम गायत्री विद्यापीठ, शिला थीजन मेमोरियल स्कूल, एलडीएम ऑफिस, एसकेएस केयर, सनातन धर्म, पीआरएडीएएन, आरकेएचएस स्कूल, नीरज बाजपेयी स्कूल, एनजीओ, सनातन धर्म महासभा द्वारा पौधरोपण किया गया।










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