डोंगरगढ़ : संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के आदेश अनुसार प्रदेश के समस्त प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों को समस्त प्रकार के अवकाश जिसमें आकस्मिक अवकाश, एच्छिक अवकाश, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, प्रसूति अवकाश, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश और अन्य सभी प्रकार के अवकाश ऑनलाइन आवेदन करने पर ही मान्य किया जाएगा, अन्यथा शिक्षकों को कार्य पर अनुपस्थित माना जाएगा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोपी वर्मा, जिला सचिव जीवन वर्मा ने इस आदेश को अव्यवहारिक और तुगलकी आदेश बताते हुए का विरोध किया है। कहा कि मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय रायपुर को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर इस आदेश को तत्काल वापस लेने हेतु निर्देश देने की मांग की है। जिले सैकड़ों स्कूल दुर्गम एवं बीहड़ क्षेत्र में हैं, जहां नेटवर्क की समुचित सुविधा नहीं होने के कारण स्कूलों के कई महत्वपूर्ण योजनाओ का क्रियान्वयन नहीं हो पाता, ऐसे में ऑनलाइन अवकाश आवेदन किस प्रकार से किया जा सकेगा, जो की बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि आकस्मिक अवकाश को पूर्व से ही आवेदन करना तर्कसंगत तथा न्यायिक नहीं होगा तथा प्रदेश में केवल शिक्षा विभाग और शिक्षक ही प्रयोगशाला बना हुआ है। कुछ भी गैर जरूरी आदेश केवल शिक्षकों पर ही लागू किया जाता है। अन्य विभाग इससे अछूता है। अतः शिक्षा विभाग और शिक्षकों पर प्रयोग करना बंद किया जाए।
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