परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेहरापानी की आदिवासी महिला घसनीन आज से लगभग एक वर्ष पूर्व गांव के ही गुम आदिवासी लड़की को अपने गांव के तीन पुरुष के साथ उड़ीसा राज्य की एक महिला के साथ गांव के गुम लड़की को ढूंढने छत्तीसगढ़ से चेन्नई गई थी। जहां उड़ीसा राज्य की महिला इन्हें कहीं छोड़कर अलग हो गई, वहीं ये ग्राम सेहरापानी के चारों ग्रामीण वहां अलग अलग बिछड़ गए। जिसके बाद इनमें से एक व्यक्ति ने गांव के सरपंच के पास उक्त घटना को बताते हुए सहयोग करने की बात कही। जिस पर सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता एवं छुरा पुलिस के सहयोग से चेन्नई के अलग-अलग इलाकों से तीन पुरूषों को बरामद कर छत्तीसगढ़ लाया गया था। किंतु आदिवासी महिला घसनीन बाई का पता नहीं चल पाया और आज तक वह अपना घर नहीं लौटी।
जिस पर मिडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव उनके घर ग्राम सेहरापानी पहुंच परिजनों से मुलाकात करते हुए प्रशासन स्तर पर उन्हें ढूंढने का पुरा प्रयास करने की बात कही गई। वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा चेन्नई पहुंचकर वहां के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर आनलाईन रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही समाज सेवकों के द्वारा चेन्नई के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर अपने स्तर पर खोजबीन का भी प्रयास किया गया। साथ ही वहां के मिडिया से संपर्क कर वहां की स्थानीय भाषा में इस घटनाक्रम को मिडिया में प्रकाशित करने की अपील भी की गई है।वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि चेन्नई के पुलिस का कहना है कि अभी तक इस घटनाक्रम पर छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग से इस संबंध में हमें कोई पत्र जारी नहीं किया गया है अगर पत्र जारी होता तो यहां अलग से घटना की सुचना दर्ज कराने की जरूरत नहीं होती। फिर भी छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की ओर से इस घटनाक्रम पर पत्र जारी कराने की जरूरत है जिससे कि वहां के इस घटना की विस्तृत जानकारी हमें मिले, जिससे हमें उक्त गुम आदिवासी महिला को ढूंढने में मदद मिल सके। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता आज चेन्नई से रवाना होंगे और छत्तीसगढ़ पहुंचकर यहां के पुलिस विभाग के आलाधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात करेंगे।
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