छत्तीसगढ़: अगले दो दिन प्रदेशभर में जमकर बरसेंगे बदरा, कई जगहों पर आंधी तूफ़ान के साथ वज्रपात की भी संभावना

छत्तीसगढ़: अगले दो दिन प्रदेशभर में जमकर बरसेंगे बदरा, कई जगहों पर आंधी तूफ़ान के साथ वज्रपात की भी संभावना

रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून मेहरबान हो गया है। राजधानी रायपुर, कांकेर और रायगढ़ समेत आसपास के जिलों में रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं। प्रदेश के कई इलाकों में अगले दो दिनों तक कुछ इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार एक सप्ताह से सुस्त पड़ा सिस्टम फिर से सक्रिय हो रहा है। जिसके असर से प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम वर्षा व एक दो स्थानों पर वज्रपात व भारी से बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना बन रही है। आज प्रदेश के 6 जिलों के लिए रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बालोद और बीजापुर में भारी बारिश की संभावना के चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले एक हफ्ते से मानसून के कमजोर होने के बावजूद अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। 1 जून से 28 अगस्त तक प्रदेश में 942.2 मिलीमीटर पानी बरस चुका है, जो औसत से 5 फीसदी ज्यादा है। बुधवार को रायपुर में दिन का पारा 34 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे गर्म जिला डोंगरगढ़ रहा। यहां 34.3 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।

एक साथ चार सिस्टम सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय चार स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन रहे हैं। इसी के असर से मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश होगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इनका प्रभाव आने वाले सप्ताह तक बने रहने की संभावना है, जिसके चलते रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।

पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के पास चक्रवात: यह चक्रवात समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है और अगले दो दिनों के भीतर यह पश्चिम-उत्तर की ओर बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर पहुंचेगा।

दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवात: यह चक्रवात समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर तक स्थित है, जिससे इस क्षेत्र में मौसम में परिवर्तन हो सकता है।

पूर्व-पश्चिम द्रोणिका: यह द्रोणिका दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से शुरू होकर पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक जाती है और समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर स्थित है।

मानसून द्रोणिका: यह औसत समुद्र तल पर स्थित है और सौराष्ट्र व कच्छ के ऊपर गहरे अवदाब क्षेत्र से गुजरते हुए उदयपुर, शिवपुरी, चुर्क, डाल्टनगंज, दीघा से होकर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक जाती है। इन सिस्टमों के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे मौसम में नमी और ठंडक बनी रहेगी।










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