इस तीज पर भाइयों का अनूठा उपहार, रोपे जाएंगे बहनों के नाम दो-दो पौधे

इस तीज पर भाइयों का अनूठा उपहार, रोपे जाएंगे बहनों के नाम दो-दो पौधे

 

राजनांदगांव: एक पेड़ मां के नाम के बाद अब दो पेड़ बहनों के नाम पर रोपे जाने दो दिनों तक वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाने वाला है। हरितालिका तीज पर छह व सात सितंबर को यह अभियान चलेगा। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्वों में प्रमुख तीज के अवसर पर गांव पहुंचने वाली बहनों को स्व-सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से भाई उपहार के रूप में आम व नींबू जैसे फलदार पौधे सौंपेंगे। महिलाओं द्वारा इन्हीं पौधों को रोपा जाएगा। करीब 35 गांवों में इस अभियान को चलाया जाएगा। दो दिनों में चार हजार से अधिक पौधे रोपे जाने का अनुमान है। इसमें 90 फीसदी आम और 10 फीसदी नीबू के पेड़ों को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए नर्सरी में दोनों प्रकार के पौधे तैयार कराए गए हैं। वृहद पौधारोपण अभियान का नाम दो पेड़ बहिनी के नाम रखा गया है।

पद्मश्री फुलबासन यादव से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस बार तीज पर्व को पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने जा रही हैं। इसके तहत एक नए अभियान की शुरुआत की जा रही है। छह और सात सितंबर को दो दिनों में पौधरोपण के लिए अविभाजित राजनांदगांव के तीन जिनों में यह अभियान चलेगा। तीज के अवसर पर गांव पहुंचने वाली बहनों को भाई उपहार के रूप में दो फलदार पौधे सौंपेंगे। तीज के दिन बहनों द्वारा आम व नींबू के पौधे लगाए जाएंगे। बताया गया कि हरियाली के दिन से महिलाओं द्वारा पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। अब तीज के अवसर पर छुरिया, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़ के गांवों में इस नए अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस अभियान से जुड़े शिव देवांगन ने बताया कि 35 गांवों में यदि 75 बहनों ने भी सहयोग किया तो दो पेड़ों के हिसाब से चार हजार से अधिक फलदार पौधों का रोपण हो जाएगा। इसके लिए गांवों में तैयारी की जा रही है। ग्राम स्तर पर बैठकों का सिलसिला डेढ़ माह से चल रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा बहनों की सहभागिता हो सके। कई बहनें तीज के अवसर पर यही पौधे अपने मायके में लेकर जाएंगी।
 

150 गांवों में जुलाई से जारी है अभियान

इस अभियान के लिए महिलाओं का पृथक समूह बनाया गया है। इसे हरियाली बहन नाम दिया गया है। हरियाली बहनों वाला एक अनूठा अभियान 150 गांवों में जारी है। इसमें ग्राफ्टिंग के जरिए पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान में दो हजार से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। हर बहनों को 10 पेड़ों का लक्ष्य दिया गया है। इसमें आम के पौधों पर खास फोकस किया गया है। ताकि आने वाले समय में इससे आय भी अर्जित हो सके। फलदार पौधों को रोपकर एक नया माडल स्थापित करने का प्रयास है। शिव के अनुसार अब तक इस अभियान में 20 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। 1200 से अधिक परिवार भी जुड़े हैं।










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