राजनांदगांव : गणेशोत्सव में गणपति बप्पा को चढ़ाए गए आस्था के फूलों को एकत्र करने गांवों में घुमने वाली हरियाली बहनों ने बड़ी मात्रा फूल एकत्र किया है। अब इन्हीं फूलों से अगरबत्ती बनाई जाएगी। यानी बप्पा को चढ़ाए गए आस्था के फूल अगरबत्ती बनकर महकेंगे। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा फूल एकत्रीकरण वाला अभियान तीन अक्टूबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्र के दौरान भी चलाया जाएगा। इससे दो तरह के लाभ होंगे। एक तो ये फूल विसर्जित नहीं किए जाने से नदी, तालाब व अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचा लिया गया। दूसरा, अगरबत्ती बनाकर उसे बेचकर महिलाओं आय भी अर्जित करेंगी। महिलाओं का यह अभियान नवरात्र पर्व के दौरान भी चलेगा।स्वच्छता के साथ सदुपयोग को लेकर स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गणेशोत्सव के दौरान हरियाली बहिनी अभियान चलाया जा गया। महिलाओं द्वारा गणेश पंडालों में जाकर आस्था के फूलों को एकत्रित किया गया। अब इन फूलों का उपयोग अगरबत्ती बनाने में किया जाएगा। इससे नदी-तालाबों में गंदगी तो रूकेगी ही, समूह की जुड़ी महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। गणेशोत्सव के दौरान 500 से अधिक पंडालों में जाकर फूल एकत्रित किए गए। इसके लिए गांवों में ई-रिक्शा भी घुमाया गया।
हरियाली बहिनी अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयास के तहत अविभाजित राजनांदगांव जिले में इन दिनों गणेश पंडालों से फूल एकत्रित किये गए। हरियाली बहिनी के अथक प्रयास से महिला समूह की महिलाओं ने अधिकांश पंडालों में जाकर फूल एकत्रित किया। ताकि तालाबों व नदियों को प्रदूषण से बचाया जा सके। साथ ही स्वच्छता से जुड़े इस अभिनव प्रयास से लोगों को जोड़ा भी जा सके। हरियाली बहिनी अभियान के प्रमुख शिव कुमार देवांगन ने बताया कि गांवों और शहरों में बप्पा में चढ़े फूलों के एकत्रित कर सुखाया जा रहा है। ताकि इसे अगरबत्ती बनाने के उपयोग में लाया जा सकें। फूल को एकत्रित करने का उद्देश्य जल प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता लाना है। साथ ही अगरबत्ती निर्माण में लगाकर उन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराना है। नवरात्र पर्व के दौरान इस अभियान को और वृहद स्तर पर चलाया जाएगा।
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