गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन के लिए संवर्धित टेक होम राशन वितरण का शुभारंभ

गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन के लिए संवर्धित टेक होम राशन वितरण का शुभारंभ


मोहला :  जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में अति गंभीर कुपोषित बच्चों एवं मध्यम गंभीर कुपोषित बच्चों को हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम अंतर्गत सामान्य श्रेणी में लाने की दिशा में यूनिसेफ, एबीस ग्रुप सी एस आर मद एवं जिला प्रशासन के सहयोग से संवर्धित टेक होम राशन वितरण का आज शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि जिले में महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत तीन परियोजना संचालित है। जिले में 890 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। जिसमें 27707 हितग्राही दर्ज है। इनमें 169 अति गंभीर कुपोषित बच्चे दर्ज है। बच्चों को एबिस ग्रुप सी एस आर मद एवं यूनिसेफ के द्वारा संवर्धित टेक होम राशन  प्रदाय किया जाएगा। जिले में इसका आज मानपुर के सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक मोहला-मानपुर श्री इंद्रशाह मंडावी ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को स्वस्थ्य और सुपोषित रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मां की होती है। मां की जिम्मेदारी है कि बच्चों को कुपोषण से कैसे मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और एबिस ग्रुप व यूनिसेफ द्वारा कुपोषण को जड़ से खत्म करने की पहल किया गया है। उन्होंने कहा कि कुपोषण को खत्म करने के लिए सभी की सकारात्मक सहयोग की आवश्यकता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती गीता घासी साहू ने कहा कि जिले के विकास को लेकर शासन प्रशासन के द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवीन जिला होने के उपरांत भी जिले में लगातार नये-नये प्रयोग किया जा रहा है। यह जिले के विकास के लिए सार्थक साबित होगा। उन्होंने जिला कलेक्टर की प्रशंसा करते हुए कहा कि कलेक्टर के नेतृत्व में जिला निरंतर आगे बढ़ रहा है। कुपोषण को लेकर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कुपोषण को खत्म करने के लिए समाज के सभी लोगों की सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने यूनिसेफ और एबिस ग्रुप की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा बढ़ाया गया यह कदम जिले को कुपोषण मुक्त रखने में मदद करेगा।

इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने कहा कि कुपोषण राज्य की सबसे बड़ी समस्या है। बच्चों में मृत्यु होने मुख्य कारण कुपोषण है। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए किया गया यह प्रयास कुपोषित बच्चों का भविष्य संवारने का काम करेगा।इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती तूलिका प्रजापति ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयास से कुपोषण को खत्म करने में मदद मिलेगा। बच्चों के पोषण के लिए शुरू किये गये इस अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में सुपोषण और स्वास्थ्य को सुधार करने के लिए सार्थक कदम साबित होगा।

इस अवसर पर यूनिसेफ राज्य प्रमुख विल्यम हेनलोन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज शुरू किया गया यह अभियान हजारों कुपोषित बच्चों का भविष्य संवारने का काम करेगा। इस अवसर पर एबिस ग्रुप से डाक्टर पालोमी ने कहा कि कुपोषण छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या को देखते हुए एबिस ग्रुप ने कुपोषण को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है।इस अवसर पर  कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अति गंभीर कुपोषित बच्चों की चिंता  करते हुए उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने  के लिए यह प्रयास किया जा रहा है । इससे बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाया जाकर उनका भविष्य संवारा जाएगा।

इस कार्यक्रम के तहत जिले के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को जिसमें 6 माह से लेकर 5 साल तक के बच्चों को संवर्धित पौष्टिक आहार प्रदाय किया जाएगा। इससे बच्चों में कुपोषण को खत्म करने में मदद मिलेगा। इस अवसर पर जनपद पंचायत मानपुर के अध्यक्ष श्री दिनेश शाह मण्डावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति राधिका अंधारे, जनपद पंचायत सदस्य श्री हरीश लाटिया, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमति रेणु टांडिया, अर्पणादेश पाण्डे यूनिसेफ, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री चन्द्रशेखर मिश्रा, संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका उपस्थित थे।










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