शासन के एक स्टेशन एक उत्पाद योजना से स्वसहायता समूह के महिलाओं की बदली जिंदगी

शासन के एक स्टेशन एक उत्पाद योजना से स्वसहायता समूह के महिलाओं की बदली जिंदगी

राजनांदगांव  : जिले के रेल्वे स्टेशन में स्थापित शासन के एक स्टेशन एक उत्पाद योजना से स्वसहायता समूह की महिलाओं की जिंदगी बदल रही है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के हुनर को बढ़ावा देने की इस पहल से महिलाएं आर्थिक दृष्टिकोण से सशक्त हो रही हैं। स्थानीय स्तर पर रूचि महिला मंडल की महिलाएं कॉटन क्लाथ से स्थानीय स्तर पर अच्छी गुणवत्ता के हैण्ड बैग बना रही हैं। स्टेशन में ऐसे बैग की बहुत डिमांड है। यहां लगभग 45 से अधिक वेरायटी है। यहां बाटल कव्हर, टिफिन बैग, मोबाईल कव्हर, पोटली, मार्केट बैग, फैंसी पर्स, पिठ्ठू बैग, स्लाईन बैग, पाऊच बैग, साड़ी कव्हर बनाए गए हंै तथा हैण्डलूम कपड़ों से बैग का एक नया पैटर्न बिलासा ईजाद किया गया है। सभी बैग इको फ्रेंडली है। फोल्डिंग बैग, स्ंिट्रग बैग की बहुत सी श्रृंखला है। 

 एक स्टेशन एक उत्पाद की संचालक श्रीमती तीजन बाई साहू ने बताया कि यहां के उत्पादों की लगातार बिक्री हो रही है और स्टेशन में आने वाले यात्री इसकी खरीदारी कर रही है। रूचि महिला मंडल की मैनेजिंग डायरेक्टर सुश्री रचना शर्मा ने बताया कि रूचि महिला मंडल में 50 महिला सदस्य हैं। प्रतिदिन लगभग एक हजार रूपए के उत्पादों की बिक्री हो जाती है। बैग को उनकी वेरायटी के अनुसार नंबर एवं नाम भी दिए गए हैं। खुबसूरत कढ़ाई एवं रंग-बिरंगे डिजाइन के कारण ये बैग लोकप्रिय हो रहे हैं। स्टेशन में आने-जाने वाले यात्री प्रतिदिन बैग की खरीदारी करते हैं। चेन्नई के श्री धर्मेन्द्र ने दो पर्स खरीदा। वही जामनगर की महिलाओं ने तथा रेणु साहू ने भी बैग खरीदा। महिला शक्तिकरण की दिशा में महिलाओं द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पाद अच्छी गुणवत्ता के हैं। कॉटन क्लॉथ का उपयोग से बने यह प्रोडक्ट वॉशेबल है और नागरिकों के वाजिब दाम में मिल रहे हंै।










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