राजनांदगांव : दिनांक 17.10.2024 को शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में नशा उन्मूलन पर प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने नशा उन्मूलन पर उद्बोधन देते हुए कहा कि समाज में नशा एक विकराल समस्या बन चुकी है, और विशेषकर युवा वर्ग इससे अत्यधिक प्रभावित होता है। विद्यार्थी जीवन में नशा एक ऐसी आदत है जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक विकास को अवरुद्ध करती है। अतः विद्यार्थियों को अपने भविष्य और समाज के हित में नशे से दूर रहना चाहिए, ताकि वे एक स्वस्थ और सफल जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकें। महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष श्री रवि सिन्हा ने अपने वक्तव्य में कहा कि नशे से जुड़ी समस्याएँ स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव, आत्म-नियंत्रण की कमी, और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित न कर पाना विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करते हैं। विद्यार्थी जीवन का उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना, अपने भविष्य की दिशा तय करना और समाज में एक सकारात्मक योगदान देना होता है।
समाज सेवक श्री पवन कुमार राजौरिया ने विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन, और विशुद्ध प्रेम जैसे महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। अनुशासन के बिना कोई भी विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकता। अनुशासन जीवन में सफलता प्राप्त करने का पहला कदम होता है। अनुशासन विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सहायक होता है। युवावस्था में व्यक्ति जिस दिशा में बढ़ता है, वह उसका भविष्य निर्धारित करती है। इस समय विद्यार्थियों को सही दिशा में चलने की आवश्यकता है, ताकि वे एक सफल और समर्पित जीवन जीते हुए देशहित में काम कर सकें। इसके लिए समय प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रेम को परिभाषित करते हुए बताया कि विशुद्ध प्रेम का संदर्भ आत्म-प्रेम और दूसरों के प्रति सच्ची भावना से है। यह विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों को समझने और उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस संदर्भ में नशा उन्मूलन का विचार अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि नशा विद्यार्थियों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है और उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है। नशा उन्मूलन का अभियान तभी सफल हो सकता है जब विद्यार्थी खुद से यह निर्णय लें कि वे अपने जीवन को स्वस्थ और सकारात्मक बनाए रखने के लिए नशे से दूर रहेंगे। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री गुणवंता दास खरे ने कार्यक्रम का संचालन, धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के 130 से अधिक छात्र -छात्राए सम्मिलित हुए।
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