दीवाली से पहले बारह सौ आदिवासी परिवारों में सामग्री वितरण एवं भंडारे से आयी खुसी

दीवाली से पहले बारह सौ आदिवासी परिवारों में सामग्री वितरण एवं भंडारे से आयी खुसी

राजनांदगाँव: श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा इन दिनों दीपावली के अवसर पर बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचकर गरीब असहाय लोगो की सेवा की जा रही है । दीपावली पर्व के निमित्त पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से उनके साधक गांव-गांव, बीहड़ आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचकर भंडारा व जरूरत की सामग्री देकर उनके चेहरे में खुसी लाने की सेवा कर रहे है साथ ही व्यसनमुक्ति का अभियान भी चलाया जा रहा है जिसमें व्यसन से होने वाली हानियों के बारे में विस्तार से बताकर व्यसन छोड़ने का संकल्प कराया जा रहा है । व्यसनमुक्ति अभियान का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है लोग स्वस्थ्य सुखी व सम्मानित जीवन बिताने के लिए व्यसन का त्याग करने का संकल्प ले रहे है ।

आदिवासी क्षेत्रों के बारह सौ परिवारों में छाई खुसी

श्री योग वेदान्त सेवा समिति के प्रमुख रोहित चंद्राकर, टीके चंद्राकर एवं संजय साहू ने बताया कि प्रतिवर्ष पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से वनांचल आदिवासी क्षेत्रो में सामग्री वितरण व भंडारे का आयोजन करते है । इस बार यह आयोजन 10 अक्टूबर से शुरुआत की गई जो दीपावली तक अनवरत चलते रहेगी । 10 अक्टुबर को मोहला क्षेत्र, 13 को मनगटा, 15 को गंडई, 17 को छुरिया इस तरह दीवाली तक डोंगरगढ़, खैरागढ़, डोंगरगांव क्षेत्रो में भंडारे का आयोजन अनवरत जारी रहेगा । अब तक बारह सौ गरीब परिवारों के घरों में जीवनोपयोगी सामग्री में अनाज, बर्तन, कपड़े, कम्बल, बच्चे व बड़ो के लिए कपड़े, महिलाओ के लिए साड़ियाँ, तेल, दीपक, बाती, मिठाइयां, फल, चप्पल, राशन समान, सब्जी, नए वर्ष के कैलेंडर, लॉकेट, इत्यादि सामग्री के साथ हरिनाम जप के लिए आसान, माला भी वितरण किया जा रहा है ताकि दीवाली के दिन इन वस्तुओं के उपयोग कर नए कपड़े व मिठाई खाकर, दीप जलाकर दीवाली मना सके ।

 पूज्य बापूजी कहते है की ‘अपने दुख में रोनेवाले मुस्‍कुराना सीख ले, दूसरों के दुःख दर्द में आंसू बहाना सीख ले । आप खाने में मजा नहीं जो औरों को खिलाने में है, जिंदगी है चार दिन की तू किसी के काम आना सीख ले । इन्ही संदेश को अपने जीवन में उतरते हुए श्री योग वेदांत सेवा समिति के सेवादार कर्तव्य-निष्ठा पूर्वक गरीब असहाय लोगो की सेवा में लगे हुए है ।

श्री योग वेदांत सेवा समिति के टीके चंद्राकर, दिलीप सिन्हा व प्रवीण चक्रधारि ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रतिवर्ष दीवाली पर्व पर इस तरह के आयोजन किये जाते है । मोहला समिति के द्वारा मोहला-मानपुर के क्षेत्रों में जरूरतमंदों में सामग्री वितरण किया गया उसी तरह गंडई समिति द्वारा आदिवासी क्षेत्र डन्डुटोला में जहां ना बिजली है न सड़क है ऐसे जगह पर भी ट्रैक्टर की मदद से साधक पहुंचकर जरूरतमंदों की सेवा की गयी । उसी तरह मनगटा के पहाड़ी क्षेत्र में बसे पहाडीपाट मन्दिर में दरिद्रनारायणो को एकत्रित कर सामग्री वितरण किया गया । छुरिया के बीहड़ क्षेत्र ग्राम-जोब में भी भंडारे का आयोजन किया गया । राजनांदगांव जिले में अब तक बारह सौ परिवारो तक सामग्री पहुंचाने की सेवा किया जा चुंका है । पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से पूरे साल भर विभिन्न सेवाएं किये जाते है जिसमे बच्चों के लिए  योग व उच्च संस्कार, युवाओ के लिए तेजस्वी शिविर, महिलाओ के लिए महिला सशक्तिकरण, दिव्य शिशु संस्कार, व्यसन मुक्ति कार्यक्रम जैसे अनेको कार्यक्रम निरंतर चलाये जा रहे है । इसी तरह दीपावली पर्व के समय भंडारे व सामग्री वितरण की सेवा पूरे देश भर की समितियां करती है । जिसमे करोड़ो लोग लाभान्वित हो रहे है ।

भंडारा कार्यक्रम की शुरूआत में सर्वप्रथम दीपक प्रज्वलित किया जाता है फिर गुरुवंदना, भगवन्‍नाम संकीर्तन एवं देवमानव हास्‍य प्रयोग किया जाता हैं जिसमें उपस्थित जनसमुदाय बहुत आनंदित होते है। सभी को पंक्तिबद्ध बिठाकर उन्हें भोजन से तृप्त किया गया । इसके बाद जीवनोपयोगी सामग्री जरूरतमंद परिवारों में वितरण किये जाते है ।

दीवाली की मिठाई, कपड़े, बर्तन, राशन, दक्षिणा आदि पाकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठते है । सभी ने हृदयपूर्वक इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे है । सैकड़ो की संख्या में लोगों ने व्‍यसन छोड़कर रोज भगवन्‍नाम जप-संकीर्तन करने का संकल्‍प लिया ।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments