राजनंदगांव : नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने बताया की की महापौर के 5 साल सिर्फ चौक चौराहा का नामकरण एवं मूर्ति लगाने में गुजर गया। निगम में आय बढ़ाने कोई ठोस पहल नहीं किया विकास तो पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा है। उन्होंने कहा कि निगम में सरकार बदलते हैं महापौर के शपथ ग्रहण में कहा था कि निगम कर्मचारियों को हर महीने 5 तारीख को पेमेंट हो जाएगा। तथा गडबो नवा राजनंदगांव का शहर की जनता को सपना दिखाया था।
निगम की माली हालत के लिए महापौर जिम्मेदार है। श्रेया लेने के चक्कर में पूरा 5 वर्ष शहर विकास को भूल गए। महापौर निधि का सही उपयोग करने के बजाय। राशि का दुरुपयोग किया है। आज निगम कर्मचारी को 3 महीने कितने के बाद एक माह का वेतन मिल पाता है। निगम की आय बढ़ाने कोई नया पहन नहीं किया जिसके कारण निगम की आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुआ। महापौर के कार्यकाल में एक भी नया दुकान निर्माण नहीं हुआ।
करोड़ रूपया की लागत में बने पसार चबूतरा में बैठने वाले कोई नहीं है। वहां पर सिर्फ दारु पीने का अड्डा बना हुआ है। गडबो नवा राजनांदगांव की सपना सिर्फ कागजों में साबित हुआ है। निगम के महापौर का गाड़ी लंबे समय से किराए में चल रहा है। अभी तक करोड़ों रुपया किराए की गाड़ी में खर्च कर दिया। आज निगम कर्मचारियों को वेतन के लिए सरकार की तरफ निगाहें रखे हुए हैं।निगम का अधिकारी कर्मचारी भी निगम के प्रति सजग नहीं है अभी सब के सब समय काट रहे हैं। वर्मा ने कहा कि इस पंचवर्षीय कार्यकाल में विकास सन्नाटा रहा निगम आय बढ़ाने कोई ठोस कदम नहीं पानी बिजली सफाई जनता को ठीक से नहीं मिल पाया।
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