प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने निगम सीमाक्षेत्र भ्रमण के दौरान मोहारा जल संयंत्र गृह का किया निरीक्षण

प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने निगम सीमाक्षेत्र भ्रमण के दौरान मोहारा जल संयंत्र गृह का किया निरीक्षण

राजनांदगांव:  लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी मसूरी से आये अखिल भारतीय सेवा के प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारी 7 दिवसीय जिले के भ्रमण के लिये आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव पहुॅचे। प्रशिक्षु अधिकारियों का जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। प्रशिक्षु अधिकारी भ्रमण के प्रथम दिन निगम सीमाक्षेत्र भ्रमण के दौरान मोहारा स्थित जल संयंत्रगृृह का निरीक्षण कर जलशोधन प्रक्रिया की जानकारी लिये। प्रशिक्षु अधिकारियों को आयुक्त श्री विश्वकर्मा के निर्देश पर निगम के तकनीकि अधिकारियांें ने जल संयंत्रगृह का निरीक्षण करा जानकारी दिये। लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी मसूरी से आये भारतीय सेवा के प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारी राजनांदगांव जिले के विकास कार्यो का अवलोकन एवं जानकारी लेने 7 दिवसीय भ्रमण के लिये आज राजनांदगांव जिला मुख्यालय पहुॅचे और प्रशिक्षु अधिकारी श्री रविन्द्र कुमार, श्री अंकुश बीका, सुश्री अदिति चैधरी, श्री अभिषेक अभय ओजार्डे, श्री अनुराग चोपड़ा, सुश्री प्रिया अग्रवाल, सुश्री ऐश्वर्या नेली श्यामला, श्री प्रखर कुमार एवं श्री आनंद शर्मा ने जल संयंत्रगृह मोहारा का निरीक्षण कर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर जलशोधन की प्रक्रिया देख विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। 

जलशोधन प्रक्रिया के संबंध में जल प्रभारी अधिकारी ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते हुये बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु राॅ वाटर लेकर प्रतिदिन 54 मीलियन लीटर पानी क्रमशः 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है। उन्होंने बताया की पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने के लिये किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 14 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाईन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।प्रशिक्षु अधिकारियों ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जाॅच कर जानकारी लिये। उन्होंने प्रक्रिया देखने के पश्चात प्रसन्नता व्यक्त कर कहा कि बहुत कठिन प्रक्रिया से गुजरकर लोगोें को शुद्ध पानी पिलाया जाता है। इस अवसर पर नगर निगम के उप अभियंता श्री अनुप पाण्डे, श्री अनिमेष चंद्राकर, श्री तिलक राज ध्रुव, श्री युवराज कोमरे सहित निगम का अमला उपस्थित था।










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