रायपुर छत्तीसगढ़ में हर घंटे लगभग तीन लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। 2024 में 10 माह के भीतर दर्ज किए गए साइबर ठगी के 17 हजार 11 केसों के विश्लेषण में यह बात सामने आ रही है। पुलिस की जांच में सामने आया है ठगी का गढ़ माने-जाने वाले जामताड़ा गैंग की तर्ज पर ही राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से ठगी की जा रही है।
ये हैं ठगी के 10 तरीके
केस 01 : 72 घंटे बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट
राजधानी सहित प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट के लगातार मामले आ रहे हैं। रायपुर में एक महीने में एक करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है। रायपुर की 58 वर्षीय महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई, जहां उसे 72 घंटे तक कथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया।
महिला को बताया कि आधार नंबर का उपयोग करके मुंबई के लुईसवाड़ी थाने में किसी इस्लाम नवाब मलिक नामक व्यक्ति ने 311 बैंक खाते खोले हैं, जिनका दुरुपयोग हो रहा है। इसके बाद फोन काल को कथित मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी से जोड़ दिया गया। इसके बाद महिला ने बैंक में जाकर 58 लाख रुपये बताए गए खाते में डाल दिए।
केस 02 : शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी
राजेंद्र नगर के लाविस्टा निवासी कारोबारी अभिषेक कुमार को अज्ञात व्यक्ति ने शेयर बाजार में निवेश करने पर भारी मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में अलग-अलग कंपनियों में पैसा निवेश करने के बारे में मैसेज आने लगे।
इसके बाद अभिषेक ने भी उनके बताए तरीके से पैसा लगाना शुरू किया। दो माह के भीतर कारोबारी ने अलग-अलग बैंक खातों में ढाई करोड़ रुपये जमा कराए।
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