राजनांदगांव : जिले में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य में धान खरीदी प्रारंभ है। जिले के 96 उपार्जन केन्द्रों में की जा रही धान खरीदी के चलते पखवाड़े भर में ही खरीदी बफर लिमिट से पार हो गया है। इससे समितियों में धान जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। वहीं परिवहन व्यवस्था देर से प्रारंभ होने के कारण अभी भी बहुत से केंद्रो में धान का उठाव नहीं हो सका है। जो कि परेशानी का कारण बना हुआ है। इससे किसानों से लेकर समिति प्रबंधकों व कर्मचारियों की दिक्कते बढ़ गई है। उपरोक्त परिस्थिति के आलोक में जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्टर को धान परिवहन कराने संबंधी ज्ञापन सौंप गया है।
संघ द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि राजनांदगांव जिले की कुल 74 सोसायटियों के 96 उपार्जन केन्द्रों में सभी जगह बफर लिमिट से 3 4 गुना धान संग्रहित हो चुका है। वर्तमान में 5 से 10 उपार्जन केन्द्र में से 2 से 3 दिन तक तौलाई, सिलाई, छल्ली लगाने की जगह है। बाकी 86 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी के लिए जगह, ड्रेनेज, एवं तिरपाल की व्यवस्था किया जाना संभव नहीं है। एवं समितियों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण कई समितियों में अपने कर्मचारियों को वेतन भुगतान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा। वहीं दूसरी ओर धान में सूखत आने पर शासन-प्रशासन द्वारा मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। समिति कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि एक सप्ताह के अंदर परिवहन में सुधार कर उपार्जन केन्द्रों से जल्द से जल्द परिवहन कराया जाए नहीं तो 96 उपार्जन केन्द्रों में एक सप्ताह के बाद धान खरीदी बंद कर दी जाएगी।

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