अयोध्या राम मंदिर की पहली वर्षगांठ पर रामलला धारण करेंगे खास वस्त्र, मंदिर में होगा भव्य आयोजन

अयोध्या राम मंदिर की पहली वर्षगांठ पर रामलला धारण करेंगे खास वस्त्र, मंदिर में होगा भव्य आयोजन

 अयोध्या : अयोध्या में भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का एक साल पूरा होने जा रहा है. हिन्दू तिथि के मुताबिक राम मंदिर को एक साल 11 जनवरी को पूरा होगा. श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से मंदिर की पहली वर्षगांठ का बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की गई है. इस दिन भगवान रामलला को पीतांबर वस्त्र धारण कराए जाएंगे. जिनकी बुनाई और कढ़ाई सोने और चांदी के तारों से की गई है.

राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की गई है. इसके तहत मंदिर में कई तरह धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती है. ये समारोह तीन दिन तक 11, 12 और 13 जनवरी तक चलेगा. सुबह से ही ये उत्सव शुरू हो जाएगा. जिसका शुभारंभ रामलला के अभिषेक से होगा. सुबह दस बजे से रामलला का पूजन और विधि विधान के साथ पूजा पाठ शुरू हो जाएगी. 

रामलला धारण करेंगे खास वस्त्र
इस खास अवसर पर रामलला को पीतांबर वस्त्र धारण कराए जाएंगे. ये वस्त्र दिल्ली में तैयार हो रहे हैं, जिन पर सोने और चांदी के तारों से कढ़ाई और बुनाई की जा रही है. आज 10 जनवरी तक ये वस्त्र अयोध्या पहुंच जाएंगे. सर्दियों के मौसम की वजह से उनका अंगवस्त्र और धोती व दुपट्टा पश्मीना से तैयार किए गए हैं. पीतांबर वस्त्रों के साथ रामलला स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण हार और अन्य आभूषण भी धारण करेंगे.

रामलला का अभिषेक उसी तरह पंचामृत और सरयू के पानी से होगा जैसे प्राण प्रतिष्ठा के दिन किया गया था. जलाभिषेक के साथ 12.20 बजे रामलला की महाआरती की जाएगी और अनुष्ठान होगा. इस दौरान मंदिर परिसर में भी कई तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे. जिनमें रामकथा से लेकर विभिन्न अनुष्ठान और यज्ञ शामिल हैं. इस बार आम लोगों को भी इसका हिस्सा बनने का मौका मिलेगा. 

अयोध्या में भगवान राम मंदिर के उद्घाटन पिछले साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया गया था. हिन्दू तिथि के मुताबिक जिस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई उस दिन पौष शुक्ल की द्वादशी तिथि थी. इस साल 2025 में पौष शुक्ल की द्वादशी 11 जनवरी यानी शनिवार की पड़ रही है. इसलिए प्राण प्रतिष्ठा की वार्षिक वर्षगांठ इस दिन मनाई जाएगी. इस उत्सव को वार्षिक द्वादशी भी कहा जा रहा है.










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