शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने पर जोड़ों में दर्द होने लगता है. ऐसे में लहसुन का सेवन इसको कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकता है
लहसुन को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. इसके साथ ही यह खाने का स्वाद बढ़ाने के भी काम आता है और इसमें पाए जाने वाले तत्व सेहत के लिए भी बेहद लाभदायी होते है. खाने में तड़का लगाना हो या फिर करी में हर जगह लहसुन का इस्तेमाल होता है. यह खाने में एक अलग ही तीखापन जोड़ता है. कुल मिलाकर लहसुन का सेवन करने से आपको फायदे ही मिलते हैं. बता दें कि कुछ लोग लहसुन की कलियों का सेवन भी करते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाने के साथ ही बॉडी को डिटॉक्स करने में और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के काम भी आता है. लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण इसको गठिया और यूरिक एसिड के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
लहसुन का सेवन यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं हाई यूरिक एसिड की समस्या को दूर करने के लिए लहसुन का सेवन कैसे करना चाहिए.
यूरिक एसिड में लहसुन कैसे फायदेमंद है?-
लहसुन का सेवन यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. यह जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाने में मदद कर सकता है. लहसुन का सेवन जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद हो सकता है.
लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मददगार हो सकते हैं.
वात दोष को दूर करने में भी लहसुन का सेवन फायदेमंद होता है. शरीर में वात दोष बढ़ने पर लहसुन का सेवन किया जा सकता है.
शरीर में जब यूरिक एसिड बढ़ता है तो जोड़ों में दर्द की समस्या भी हो जाती है. इस दर्द से राहत पाने में लहसुन का सेवन लाभदायी हो सकता है.
शरीर में जमा टॉक्सिंस को भी बाहर निकालने में लहसुन मदद करता है.
यूरिक एसिड ममें लहसुन का सेवन कैसे करें?
यूरिक एसिड के बढ़ने पर आप लहसुन को अपनी डाइट में कई तरीकों से शामिल कर सकते हैं. आप लहसुन को पानी में भिगोकर या दूध में भिगोकर खा सकते हैं. इसके लिए आप रात को सोने से पहले लहसुन को दूध या पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें.
कितनी मात्रा में करना चाहिए लहसुन का सेवन
बता दें कि लहसुन की तासीर कम होती है. इसलिए आपको 3-4 लहसुन की कलियों का ही सेवन करना चाहिए.
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