छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ की साधारण सभा की बैठक बिलासपुर में संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। संघ ने 14 सूत्री मांगों को प्रस्तावित किया और इसके बाद मुख्यमंत्री से प्राचार्य पद के लिए रिक्त 2934 पदों की पदोन्नति कोटे के तहत विभागीय पदोन्नति (डीपीसी) के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया।
वर्ष 2021 की ऐतिहासिक हड़ताल और 2024 में हुए प्रदर्शन के बाद, 10 वर्षों से रुकी प्राचार्य पद की पदोन्नति के रास्ते में संघ की मेहनत रंग लाई है। मुख्यमंत्री से इस पदोन्नति प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई, और अब 3000 व्यायाताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नति मिलने की उमीद है।
बैठक में शिक्षकों के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं, जैसे- 62 वर्ष से 65 वर्ष तक सेवा विस्तार, मोबाइल भत्ते की बढ़ोतरी, अर्जित अवकाश को 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन करना, और चिकित्सा सुविधा में सुधार। इसके अलावा, व्यायाताओं को समयमान वेतनमान और ग्रेजुएटी की राशि बढ़ाने की भी मांग की गई।
बैठक में संघ के प्रमुख सदस्य और जिला अध्यक्षों ने इन मांगों को सर्वसमति से अनुमोदित किया। साथ ही व्यायाता एलबी को संघ की सदस्यता में शामिल करने का भी निर्णय लिया गया। व्यायाता संघ का संघर्ष अब व्यायाताओं के लिए एक नई दिशा की ओर बढ़ चुका है, जिससे शिक्षकों को उनके अधिकार मिलेंगे।

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