म्यूचुअल फंड को और सही बनाने में जुटा सेबी, प्रस्ताव पर मांगे सुझाव

म्यूचुअल फंड को और सही बनाने में जुटा सेबी, प्रस्ताव पर मांगे सुझाव

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बुधवार को 250 रुपये में SIP लाने के लिए एक कंसल्टेशन पेपर पेश किया है. सेबी का मकसद इसके जरिये म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश के प्रति जागरूकता के जरिये फाइनेंशियल इन्क्लूजन को बढ़ावा देना है. सेबी की प्रस्तावित योजना में कहा गया है कि इन छोटी एसआईपी को केवल तीन योजनाओं तक सीमित किया जा सकता है. इनमें से प्रत्येक योजना अधिकतम तीन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में होगी.

सेबी प्रमुख माधबी बुच भी इस मुद्दे पर कई बार चर्चा कर चुकी हैं. बुच का कहना है कि म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट का सैशेटाइजेशन (छोटे आकार) करने का बड़ा फायदा यह होगा कि आने वाले दिनों में ये म्यूचुअल फंड के लीडर होंगे. बुच का कहना है कि तकीनीक की वजह से ऐसे प्रोडक्ट की लागत बेहद कम हो चुकी है. लेकिन, हम अब तक इसका लाभ नहीं ले पाए. असल में जब बड़ी तादाद में कम आय वर्ग के लोग इन प्रोडक्ट से जुड़ेंगे तो लागत मुद्दा ही नहीं होगी. इसके अलावा यह एक नया स्रोत होगा, जहां से भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग को जबरदस्त वृद्धि मिलेगी.

सेबी ने बुधवार को कंसल्टेशन पेपर ऑन प्रमोटिंग फाइनेंशियल इक्लूजन थ्रू कॉन्सिअसनेस ऑफ इन्वेस्टमेंट इन म्यूचुअल फंड स्कीम नाम से अपना प्रपोजल पेश किया. इसमें बताया गया है कि म्यूचुअल फंड उद्योग के भागीदारों ने इन छोटे निवेशों पर होने वाले खर्च को पाटने के लिए एएमसी लिए डिस्काउंट रेट देने की पेशकश करने पर सहमति व्यक्त की है. इसके तहत एएमसी डिस्काउंटेड प्राइस पर तीन स्मॉल टिकट एसआईपी प्रॉडक्ट पेश कर सकते हैं.

किसे मिलेगी फायदा

सेबी का मानना है कि इस तरह के छोटे म्यूचुअल प्रोडक्ट का उन लोगों को फायदा मिलेगा, जो सीमित आय की वजह से इन प्रोडक्ट को अफॉर्ड नहीं कर पाते हैं. कम आय वर्ग के निवेशिकों के लिए इन स्कीम से स्मॉल सेविंग्स के अलावा भी निवेश के विकल्प मिलेंगे.

कैसे होगा भुगतान

सेबी के कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि निवेशक केवल नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) मैंडेट और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ऑटो पे के जरिये ही इस तरह के स्मॉल टिकट साइज वाले SIP का भुगतान कर पाएंगे. सेबी ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि 250 रुपये के SIP को ग्रोथ ऑप्शन के तहत पेश किया जाए.

मौजूदा निवेशकों के लिए नहीं

नए और छोटे निवेशकों को इस योजना का पूरा लाभ मिले इसके लिए सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि सभी मौजूदा निवेशकों को इससे बाहर रखा जाए. इसमें सिर्फ स्मॉल टिकट म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स को अपवाद रखा जा सकता है.

बिना पैन के निवेश को मंजूरी

इसके अलावा अलावा यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि इसके तहत प्रति निवेशक, प्रति म्यूचुअल फंड, प्रति वर्ष अधिकतम 50,000 रुपये तक के निवेश को बिना पैन के मंजूरी दी जा सकती है. हालांकि, निवेशक को सत्यापित करने के लिए आधार की जरूरत होगी.








You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments