अमेरिका को पसंद नहीं आया हमास का तरीका,बंधकों को तुरंत रिहा करे हमास

अमेरिका को पसंद नहीं आया हमास का तरीका,बंधकों को तुरंत रिहा करे हमास

वाशिंगटन डीसी :  अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात को दोहराते हुए ये कहा है कि, हमास को अब सभी बंधकों को रिहा करना होगा। 490 दिनों तक बंधन में रहने के बाद एली और ऑर ओहद अपने देश इजरायल में अपने घर पहुंच गए हैं। अब अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि, हमास को अब सभी बंधकों को तुरंत रिहा करना होगा।

इजरायल ने इस बात की पुष्टि की है कि, हमास ने बातचीत के बाद तीन बंधकों को रिहा कर दिया है। इजरायल के डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने शनिवार को यह जानकारी दी थी कि, तीनों बंधकों, ओहद बेन अमी, एली शराबी और ऑर लेवी को रेड क्रॉस को सौंप दिया गया था, जहां से उन्हें इजरायल पहुंचाया गया।

बंधकों का हाल देखकर सहमे परिवार वाले

गाजा में बंधक बनाए गए लोग जब इजरायल पहुंचे तो आईडीएफ और शिन बेट बलों ने इनका स्वागत किया। हालांकि, ये तीनों लोग काफी ज्यादा कमजोर दिखाई दे रहे थे, जिससे उनके परिवार वालों की चिंता ज्यादा बढ़ गई थी। उन तीनों को तुरंत फिर प्रारंभिक चिकित्सा मूल्यांकन के लिए भेजा गया था।

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, जब इन बंधकों को रिहा किया गया उससे पहले हमास ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बंधकों को मजबूर किया गया था और समारोह में एक नकाबपोश हमास कार्यकर्ता ने कुछ भाषण दिया, फिर तीनों बंधकों को प्रमाण पत्र दिया गया और मंच पर परेड कराई गई।

जब ये तीनों बंधक अपने परिवार वालों से मिले तो ओहद बेन अमी की मां, मिशल कोहेन ने अपने बेटे को काफी कमजोर पाया और उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वो अपनी मां से भी ज्यादा उम्र का है। ऑर लेवी के भाई, तेल लेवी ने भी अपने भाई को कमजोर देखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। हालांकि, सभी ने बंधकों को वापस लाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया।

अब इजरायल करेगा 183 कैदियों को रिहा

अब इजरायल ने समझौते के तहत नेगेव में केजियोट जेल और वेस्ट बैंक में ओफर जेल से 183 फलिस्तीनी सुरक्षा कैदियों को रिहा करने की तैयारी की है। इन कैदियों में 18 कैसी ऐसे हैं जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। 183 में से 111 कैदियों को इस युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया था और बाकी के बचे 72 कैदी वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम से हैं।










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