जांजगीर-चांपा : बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग ने एक अभियान शुरू किया है, जिसमें सप्ताह में एक दिन, शनिवार को बच्चों को स्कूल बैग से मुक्त किया जाता है. इस दिन बच्चे बिना बैग के स्कूल आते हैं. जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चंद्रनगर संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले 8 सरकारी स्कूल पूरी तरह से बैग-लेस स्कूल के रूप में संचालित हो रहे हैं. यहां के छात्र-छात्राएं भारी बैग के बजाय सिर्फ एक कॉपी लेकर स्कूल आते हैं और पढ़ाई करते हैं. संकुल प्रभारी ने पूरे 7 दिन बस्ता मुक्त कर मिसाल पेश की है, जिससे छात्रों को बैग के वजन से काफी राहत मिली है.
सिर्फ एक कॉपी लेकर आना होता है स्कूल
विद्यालय में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी दीपक सिंह ने बताया कि वह पिछले दो साल से बिना बैग के विद्यालय आ रहा है. पहले वह भारी बैग लेकर आता था, लेकिन अब सभी क्लास में अलग-अलग विद्यार्थियों के लिए नाम लिखकर रेखा बना दी गई है, जिसमें उनकी किताबें रखी जाती हैं. घर से विद्यालय आते समय वह सिर्फ एक रफ कॉपी लेकर आता है.
कम हुआ किताब का बोझ
कक्षा 8वीं की छात्रा रजनी निशा ने बताया कि उसे अपने इस सरकारी स्कूल में पढ़ना अच्छा लगता है क्योंकि यहां बिना कॉपी-किताब के सिर्फ एक कॉपी लेकर स्कूल आते हैं. दूसरे स्कूलों में पांच से छह किताबें और कॉपियां ले जानी पड़ती हैं, जिससे बैग का वजन बढ़ जाता है. इससे पढ़ाई में आसानी होती है. जब भी कोई विषय की क्लास होती है, तो स्कूल में रखी अपनी नाम की किताब निकालकर पढ़ाई कर लेते हैं.
8 स्कूलों में बिना बस्ते के पढ़ाई
जिला शिक्षा अधिकारी डी. एन. मिश्रा ने जानकारी दी कि बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में कुल 8 स्कूल हैं, जहां अब बिना स्कूल बस्ते के ही पढ़ाई हो रही है. इतना ही नहीं, इस संकुल केंद्र में छात्र-छात्राओं के साथ और भी कई गतिविधियां संचालित की जाती हैं. यहां एक लाइब्रेरी भी बनाई गई है, जिसमें जनरल नॉलेज की किताबें और अन्य पाठ्यक्रम की पुस्तकें शामिल हैं, ताकि छात्र-छात्राएं बैठकर सामान्य ज्ञान की बातें कर सकें और सीख सकें.
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