बजट सत्र : सर्पदंश से होने वाली मौतों और उसके मुआवजे में हुई गड़बड़ी का मामला सदन में गूंजा

बजट सत्र : सर्पदंश से होने वाली मौतों और उसके मुआवजे में हुई गड़बड़ी का मामला सदन में गूंजा

रायपुर :  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बुधवार सर्पदंश से होने वाली मौतों और उसके मुआवजे में हुई गड़बड़ी का मामला उठाया। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सरकार से पूछा कि जशपुर को नागलोक कहा जाता है, जहां सर्पदंश से सबसे ज्यादा मौतें होती है, लेकिन विधानसभा में जो आंकड़े आये हैं, उसमें जशपुर से ज्यादा बिलासपुर में मौत के बाद मुआवजा राशि वितरित करने की बात कही गयी है।

सुशांत शुक्ला ने कहा कि सर्पलोक कहे जाने वाले जशपुर में 96 लोगों की सर्पदंश से मौत हुई। जबकि बिलासपुर में 431 लोगों की मौत हो जाती है, जो संभव नहीं और इसे लेकर करोड़ो की गड़बड़ी मुआवजे में हुई है, फर्जीवाड़ा किया गया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आसंदी से कहा कि सांप फर्जी था कि आदमी फर्जी था। इसके बाद सदन में ठहाकों से गूंज उठा। इस प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पहली बार यह मामला जानकारी में आया है। यदि ऐसा है तो विधायक जानकारी दें इसकी जाँच कराई जाएगी।

सुशांत शुक्ला ने तब कहा कि पहले जाँच हुई है क्या? जबकि पहले भी शिकायत हुई है। सुशांत शुक्ला ने कहा कि राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है। उन्होंने पूछा इस मामले की क्या सचिव स्तर के अधिकारी से जाँच करायेंगे?

मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुझे शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने सदन में घोषणा की कि बिलासपुर जिले में सर्पदंश से 431 मौतों की जाँच कराई जाएगी। सुशांत शुक्ला ने कहा कि मुआवजा दिलाने के लिए एक रैकेट सक्रिय है, जो गलत तरीके से मुआवजा दिलाने का काम करता है। इन बातों पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि अभी तक ये मामला संज्ञान में नहीं आया है, अगर उनके पास इस संबंध में कोई साक्ष्य है, तो वो उसे उपलब्ध करा दें। उसकी वो जांच करा लेंगे।

सर्पदंश से मृत्यु पर मुआवजा चार लाख प्रति व्यक्ति दिया जाता है। सर्पलोक जशपुर में सर्पदंश से मात्र 96 लोगों की मौत के आंकड़े आये हैं, जबकि बिलासपुर में सर्पदंश से 431 लोगों की मौत हुई है। विधायक ने सर्पदंश मृत्यु मुआवजा में करोड़ों रुपये के घोटाले की बात कही।

पूरक प्रश्न करते हुए धर्मजीत सिंह ने जानना चाहा कि किसी व्यक्ति की अगर सर्पदंश से मृत्यु हो जाती है, तो उसे मुआवजा पाने के लिए किन प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। जवाब में मंत्री ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सर्पदंश की पुष्टि होती है, जिसके बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होती है। भाजपा सदस्य धरमलाल कौशिक ने कहा कि जशपुर जिले का तपकरा इलाका नाग लोक के रूप में विख्यात है। वहां से चार गुना अधिक बिलासपुर में सर्पदंश से मौत होना आश्चर्य जनक है। राजस्व मंत्री ने जोर देकर कहा कि मुआवजा वितरण की जांच करेंगे।










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