रायपुर : छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने राजधानी के हलवाई लाइन और मालवीय रोड इलाके के 15-16 दुकानदारों को नोटिस जारी कर बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड के अनुसार इन दुकानदारों ने वक्फ की संपत्तियों का फर्जी तरीके से क्रय-विक्रय कर दुकानों का कब्जा किया है। वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन संपत्तियों पर बिना वैध दस्तावेजों के खरीदी-बिक्री और उपयोग किया गया है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सभी दुकानदारों को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस भेजा गया है, जिसमें उनसे सम्पत्ति से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष नोटिस प्राप्त करने वालों में से कुछ दुकानदार हलवाई लाइन के हैं, जबकि दो से तीन दुकानदार मालवीय रोड क्षेत्र से संबंधित हैं। इस पूरे मामले की जांच स्वयं छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज की निगरानी में की जा रही है। वक्फ बोर्ड का कहना है कि वास्तविक स्थिति का पूरी गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है, और सच्चाई की सतह तक जाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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जांच पूर्ण होने के बाद यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो वक्फ बोर्ड इन सभी दुकानदारों को बेदखल करने का प्रस्ताव शासन को भेजेगा। फिलहाल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज दिल्ली प्रवास पर हैं, और उनकी वापसी के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा और विवरण सामने आएंगे जिसके बाद सच्चाई के साथ कई बड़े खुलासे होंगे। वक्फ बोर्ड का यह कदम राज्य की विवादित वक्फ संपत्तियों को पुनः नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
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प्रदेशभर में फैली छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में से लगभग 90 फीसदी जमीनें विवादों या अवैध कब्जों की भेंट चढ़ चुकी हैं। राज्य में वक्फ बोर्ड के पास कुल 5,723 संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें से 4,942 संपत्तियों पर किसी न किसी प्रकार का कब्जा, विवाद या स्वामित्व विवाद चल रहा है। इनमें से अधिकांश संपत्तियां शहरों के प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं, जिनकी अनुमानित कुल कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपए आंकी गई है। राजधानी रायपुर के मालवीय रोड, बैजनाथपारा और टिकरापारा जैसे प्रमुख इलाकों में वक्फ की कीमती जमीनों पर दुकानें और मकान बन चुके हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी वक्फ की संपत्तियों पर अवैध कब्जे या अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है।

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