सुकमा : जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति.2025’’ एवं ‘‘नक्सली इलवद पंचायत योजना’’ सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 02 महिला सहित 11 नक्सलियों के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, उमेश प्रसाद गुप्ता, अति0 पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, परमेश्वर तिलकवार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सुकमा एवं मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन के नये पुनर्वास नीति ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025 ’’ के तहत् प्रत्येक को 50-50 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि व कपड़े प्रदान किया गया एवं अन्य सुविधायें प्रदान करायें जायेंगे।
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