सक्ती: कुछ दिन पहले सक्ती जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े एक अधिकारी का ऐसा कारनामा उजागर हुआ था जो फिलहाल इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।दरअसल जिले के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम लाल वारे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह अपने निजी आवास पर मरीजों का इलाज करते हुए नजर आ रहे थे। मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षाधिकारी ने जांच टीम गठित कर सात दिवस के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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जानकारी के मुताबिक, श्याम लाल वारे वर्तमान में डभरा शिक्षा विभाग में बीईओ के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उनका ध्यान शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बजाय निजी क्लीनिक संचालन में अधिक है। बताया जा रहा है कि वह बिना किसी वैध पंजीकरण के अपने घर में क्लीनिक चला रहे हैं। यहां बाकायदा मरीजों का इलाज भी किया जाता है। यह कार्य न केवल अवैध है, बल्कि ग्रामीणों की जान से भी सीधा खिलवाड़ भी है। उन्हें न तो मेडिकल की कोई डिग्री प्राप्त है और न ही क्लीनिक चलाने की कोई कानूनी अनुमति।
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एक ओर जहां प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षा अधिकारी का इस प्रकार से चिकित्सा पेशे में अनधिकृत रूप से शामिल होना विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है। इस पूरे मामले में शासन-प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षाधिकारी ने कहा कि जांच टीम गठित की गई है। जांच के बाद रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन आगे भेजा जाएगा।
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