नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है. एक टेक कंपनी ने Reddit पर जानकारी दी है कि उन्होंने 450 कैंडिडेट्स के इंटरव्यू लिए थे. ये सभी इंटरव्यू एक ही पद के लिए थे. कैंडिडेट्स की इस भीड़ में से कंपनी किसी को भी पास नहीं कर पाई. दावा किया जा रहा है कि सभी कैंडिडेट्स ने कोडिंग के लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया था. इसीलिए कंपनी ने सबको रिजेक्ट कर दिया.
इस टेक कंपनी ने मौजूदा हालात और अपनी मायूसी को Reddit पर बयां किया है. यह वैकेंसी जूनियर डेवलपर रोल के लिए है. रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट में लिखा है कि जूनियर डेवलपर की 1 वैकेंसी के लिए करीब 12 हजार लोगों ने आवेदन किया था. उनमें से 450 के इंटरव्यू लिए गए. हालांकि, एआई से कोड्स कॉपी-पेस्ट होने की वजह से वो किसी को भी हायर नहीं कर सके. पोस्ट में साफ लिखाा है कि ज्यादातर कैंडिडेट्स कोडिंग के लिए पूरी तरह से एआई पर निर्भर थे. इसका मतलब है कि उन्हें बेसिक्स की भी ठीक से समझ नहीं थी.
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20 लाख तक मिल जाती सैलरी
इनमें से किसी भी कैंडिडेट ने इंटरव्यू क्वॉलिफाई कर लिया होता तो उसे डिग्री और अनुभव के आधार पर 20 लाख तक की सैलरी ऑफर की जाती. टेक कंपनी ने जूनियर फ्रंटएंड/बैकएंड डेवलपर और QA रोल्स के लिए लिंक्डइन पर वैकेंसी पोस्ट शेयर किया था. कंपनी ने 12 हजार एप्लिकेंट्स में से 10 हजार को पहले ही फिल्टर कर दिया था. किसी का स्किल सेट अधूरा था तो किसी का रिज्यूमे पोस्ट के हिसाब से फिट नहीं बैठ रहा था. ऐसे में उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाना बेकार रहता.
कंपनी ने दी थी एआई की इजाजत
एक अनाम यूजर ने कंपनी की तरफ से लिखा कि उन्होंने कैंडिडेट्स को चैटजीपीटी इस्तेमाल करने का ऑप्शन दिया था. लेकिन जब कोडिंग रिजल्ट आने के बाद उससे जुड़े बेसिक्स पूछे गए तो कैंडिडेट्स सही से जवाब नहीं दे पाए. इससे हायरिंग टीम को समझ में आया कि ज्यादातर उम्मीदवारों ने कोडिंग की एक भी लाइन समझे बिना सिर्फ कॉपी-पेस्ट पर ही फोकस किया था. इस स्थिति में उन्हें डेवलपर के पद पर नौकरी देने का कोई लॉजिक नहीं रहता.
लोगों ने कंपनी पर उठा दिए सवाल
इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने कंपनी के हायरिंग प्रोसेस पर ही सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने लिखा कि कंपनी को अपने सिस्टम में बदलाव करना चाहिए. 450 इंटरव्यू में समय बर्बाद करने से बेहतर था कि कोई दूसरी स्ट्रैटेजी अपनाते. वहीं, कई यूजर्स कंपनी के सपोर्ट में भी नजर आए. लोगों ने लिखा कि एआई पर इतनी निर्भरता भी सही नहीं है लेकिन आज-कल के लोग इस बात को समझते नहीं हैं. आपको अपनी फील्ड से जुड़े बेसिक्स की समझ तो होनी चाहिए.
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