31 जुलाई 2025 तक करा सकेंगे उद्यानिकी फसलों का मौसम आधारित फसल बीमा, किसानों को मिलेगी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा

31 जुलाई 2025 तक करा सकेंगे उद्यानिकी फसलों का मौसम आधारित फसल बीमा, किसानों को मिलेगी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा

बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : राज्य शासन के कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ मौसम 2025 में उद्यानिकी फसलों के लिए पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई है। इसके तहत किसानों को 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने का अवसर दिया गया है। यह योजना विशेष रूप से अधिसूचित क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों जैसे तापमान (कम/अधिक), वर्षा (अल्प/अधिक/बेमौसम), वायु गति, कीट व व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम एवं ओलावृष्टि तथा चकवाती हवाओं जैसी स्थानीय आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शुरू की गई है। खरीफ मौसम के लिए अधिसूचित फसलों में मिर्च, केला एवं पपीता (ओलावृष्टि हेतु) तथा केला एवं पपीता (चकवाती हवाएँ हेतु) शामिल हैं।

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जिले में योजना के अंतर्गत बीमा कराने वाले कृषकों को अधिसूचित फसलों के अनुसार कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम (जो भी कम हो) की राशि कृषक अंश के रूप में जमा करनी होगी। यह सुविधा ऋणी और अऋणी दोनों प्रकार के किसानों के लिए उपलब्ध है। अऋणी किसान बीमा हेतु स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा-खसरा, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक (जिसमें आईएफएससी कोड का उल्लेख हो) की छायाप्रति जमा कर सकते हैं। वहीं, ऋणी किसानों के लिए योजना विकल्प आधारित रहेगी। यदि कोई ऋणी किसान बीमा योजना में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे भारत सरकार द्वारा निर्धारित घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर अंतिम तिथि (31 जुलाई 2025) के 7 दिन पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना अनिवार्य होगा। समयसीमा में घोषणा पत्र नहीं देने की स्थिति में बैंक द्वारा उस मौसम हेतु स्वीकृत/नवीनीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि की स्थिति में दावे के भुगतान के लिए संबंधित बैंक उत्तरदायी होगा।

खरीफ मौसम में बीमा के दायरे में आने वाली अधिसूचित फसलें टमाटर, बैगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता और अमरूद हैं। बीमा कराने हेतु च्वाइस सेंटर, भारतीय कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, लोक सेवा केंद्र, बैंक शाखाएं, सहकारी समितियां एवं विकासखंड स्तर पर स्थापित शासकीय उद्यान रोपणियों से संपर्क किया जा सकता है। जिले में उपलब्ध शासकीय उद्यान रोपणियों में शासकीय उद्यान रोपणी पडकीडीह, बेमेतरा (मो. 78282-81733), शासकीय उद्यान रोपणी मोहगांव, साजा (मो. 93028-32959), शासकीय उद्यान रोपणी नेवनारा, बेरला (मो. 99771-36115), एवं शासकीय उद्यान रोपणी झिलगा, नवागढ़ (मो. 78287-24673) शामिल हैं। किसान इन केंद्रों से संपर्क कर निर्धारित समय सीमा में बीमा करा सकते हैं।

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