छुरिया : छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र के सीमा पर स्थित पाटेकोहरा बेरियर के बारे में जितना कहा जाया वह बहुत कम है अपने नये नये कारनामों के कारण पाटेकोहरा बेरियर हमेशा सुर्खियों में बना ही रहता है। जैसा कि जनचर्चा में पाटेकोहरा बेरियर अवैध उगाही का अड्डा बन चुका है ये बात प्रतिदिन आवागमन करने वाले वाहन मालिक अच्छे से जानते हैं। टैक्स के रूप में जो फीस होती है उसे तो वाहन मालिक देते ही हैं उसके अलावा वहां पर ड्यूटी में लगे कर्मचारी अलग से अपना फीस भी वसूलते हैं एैसा ही एक प्रकरण बुधवार को देखने मिला जब मौके पर पहुंचकर हमारी पत्रकार टीम ने निरीक्षण किया तो वहां पर पाटेकोहरा बेरियर से अपना छोटा वाहन लेकर जाने वाले एक वाहन मालिक ने बताया कि चिचोला से मछली बीज लेकर जा रहे थे तो पाटेकोहरा बेरियर में एक कर्मचारी एवं अपने लठैत के साथ तैनात थे उन्होंने 5 सौ रूपये की मांग की और कहा कि पैसे दो तभी तुम्हारी गाड़ी जा सकती है वरना नहीं जा सकती वाहन मालिक ने अनुरोध किया कि 3 सौ रूपये ले लो इस पर सौदा नहीं जमा पूरे 5 सौ रूपये की मांग की गई ऐसा इसी बार नहीं हर समय पैसों की मांग की जाती है।
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इस अवैध वसूली के समय भाजपा के कुछ नेता भी उपस्थित थे एैसा लगता है यह अवैध वसूली का कारोबार उनके ही संरक्षण में हो रहा है। क्या पाटेकोहरा बेरियर की अवैध वसूली के कारोबार के बारे में जानकारी उच्चअधिकारियों नहीं है या जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है आखिर कब बंद होगी पाटेकोहरा बेरियर की अवैध वसूली का येे कारोबार ?
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