जीएसटी विभाग के चल रहा भेदभाव और प्रशासनिक आतंकवाद का खेल

जीएसटी विभाग के चल रहा भेदभाव और प्रशासनिक आतंकवाद का खेल

रायपुर :  छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने जी एस टी विभाग में चल रही मनमानी ओर प्रशासनिक आतंकवाद के खिलाफ अभियान छेड़ने का संकल्प लिया है संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि जीएसटी विभाग में 27 जून 2025 को लगभग 200 कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया था। जिसके विरुद्ध विभाग के कुछ अधिकारी माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। याचिका का निर्णय आने के बाद उच्च न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश को स्थगन कर ट्रांसफर समिति में आवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। कोर्ट के निर्देश  के बाद भी कुछ अधिकारियों को पुराने जगह में ज्वाइनिंग नहीं दी गई। 

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 हद तो तब हो गई जब एक निरीक्षक आकाश त्रिपाठी को 28 जुलाई 2025 को ज्वाइनिंग तो दिया गया किंतु 30 जुलाई 2025 को उपस्थिति को अमान्य कर दिया गया। यह सीधा सीधा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना है। यह पहली बार नहीं हुआ जब इस तरह का पक्षपात किया जा रहा है। जून में हुए ट्रांसफर में करीब आधा दर्जन अधिकारियों को 1 माह से ज्यादा  होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया गया अंदर की खबर है इनका जुगाड काम आ गया है और इनका ट्रांसफर कैंसिल किया जा रहा है। जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश दिनांक 23/11/2024 में स्पष्ट है कि 10 दिन के भीतर कार्यमुक्त किया जाना है अन्यथा एकपक्षीय करमुक्त किया जाना है ज्वाइन नहीं करने में ब्रेक इन सर्विस किया जाने का प्रावधान है। जबकि सभी अधिकारी जो न्यायालय में याचिका दायर किए है अवकाश पे थे उन्हें एकपक्षीय कार्यमुक्त किया गया है। तिवारी ने विभाग के अधिकारियों की शह पर चल रहे उक्त मनमानी के खिलाफ उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया है प्रथम चरण में मुख्यालय का घेराव, द्वितीय चरण में कलम बंद आंदोलन का निर्णय लिया है







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