चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी अहम तारीखों को जारी कर दिया है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग 9 सितंबर को होगी और इसी दिन परिणाम भी जारी हो जाएगा। आपको बता दें कि जगदीप धनखड़ ने बीते 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अब नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
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उपराष्ट्रपति चुनाव का शेड्यूल
कितने लोग करेंगे वोटिंग?
भारत के संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति को एकल संक्रमणीय मत पद्धति द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक-मंडल द्वारा निर्वाचित किया जाता है। 17वें उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन, 2025 के लिए निर्वाचक-मंडल में निम्न शामिल हैं:-
चुनाव आयोग ने बताया है कि निर्वाचक-मंडल में संसद के दोनों सदनों के कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 782 सदस्य) शामिल हैं। चूंकि, सभी निर्वाचक संसद के दोनों सदनों के सदस्य हैं, इसलिए संसद के प्रत्येक सदस्य के मत का मान एकसमान अर्थात् 1 (एक) होगा।
एकल संक्रमणीय मत पद्धति को समझें
संविधान के अनुच्छेद 66 (1) में प्रावधान है कि निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत पद्धति द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार आयोजित किया जाएगा और ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त मतपत्र (Secret Ballot Paper) द्वारा होगा। इस प्रणाली में, निर्वाचक को अभ्यर्थियों के नामों के सामने Preference अंकित करना होता है। Preference को भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप में, रोमन रूप में, या किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषाओं के रूप में चिह्नित (Mark) किया जा सकता है। Preference को केवल अंकों में चिह्नित किया जाना है और उन्हें शब्दों में निदर्शित (indicate) नहीं किया जाएगा। निर्वाचक उतने अधिमान चिह्नित कर सकता है जितनी अभ्यर्थियों की संख्या है। जबकि, मतपत्र के Valid होने के लिए पहला Preference चिह्नित करना अनिवार्य है, अन्य Preference का चिह्नह्मांकन वैकल्पिक है।
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मत चिह्नित करने के लिए, आयोग विशेष पेन (Pen) प्रदान करेगा। निर्वाचकों को यह पेन निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा मतदान केंद्र में मतपत्र सौंपे जाते समय दिया जाएगा। निर्वाचकों को केवल इस विशेष पेन से मतपत्र चिह्नित करना है न कि किसी अन्य पेन से। किसी अन्य पेन का उपयोग करके मतदान किए जाने पर मतगणना के समय मत अविधिमान्य (Invalid) हो जाएगा।
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