विभागीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता : कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

विभागीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता : कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

रायगढ़, 1 अगस्त 2025 :  कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करने के लिए सभी अधिकारी गंभीरतापूर्वक कार्य करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर शिविरों की सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही शिविरों में पेयजल, टेंट और विद्युत जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर चतुर्वेदी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन, पंखा, खेल सामग्री सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जर्जर एवं भवन विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की जानकारी ली और सूची भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कई आंगनबाड़ी केंद्रों में मरम्मत कार्यों की खराब गुणवत्ता और अधूरे रंग-रोगन की जानकारी मिलने पर सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारों पर जांच उपरांत कार्रवाई की बात कही।

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बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री जितेंद्र यादव, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर.कच्छप, सभी सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम मातृ वंदना योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं को मिले

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए जिले की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान काम न कर पाने से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करना है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहले बच्चे के जन्म पर महिला को दो किश्तों में कुल पांच हजार रुपए दिए जाते हैं। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त छह हजार रुपये का प्रावधान है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक सुनिश्चित किया जाए और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए।

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आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास जल जमाव की स्थिति न बने

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास बारिश के दौरान जल जमाव की स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को जल जनित रोगों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी आँगनबाड़ी के आसपास जल जमाव की स्थिति हो तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए चल रहे 'हमर स्वस्थ लइका' अभियान की भी जानकारी लेते हुए जिले में इसका प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषण ट्रैकर की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित सीडीपीओ एवं सेक्टर सुपरवाइजरों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां बच्चों की उपस्थिति कम है, वहां विशेष प्रयासों से उपस्थिति बढ़ाई जाए।








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