जब आप ऑनलाइन किसी थर्ड पार्टी ऐप पर कभी कोई फिल्म देख रहे होंगे तो अक्सर आपको ऑनलाइन बेटिंग ऐप 1xbet का एडवरटाइजमेंट दिखा होगा. इसी बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना से ईडी ने बुधवार को 8 घंटे पूछताछ की.
सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने 1xBet जोकि एक स्पोर्ट्स बेटिंग एप्लिकेशन है उससे जुड़ी अपनी जांच के तहत मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रैना का बयान दर्ज किया. एजेंसी रैना के कुछ एंडोर्समेंट्स के जरिए बेटिंग ऐप से जुड़े होने को लेकर जांच कर रही है.
एजेंसी ने हाल ही में अपनी जांच के हिस्से के रूप में गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया. इसके अलावा, मंगलवार को एजेंसी ने पैरिमैच नामक एक ऑनलाइन बेटिंग ऐप के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में कई राज्यों में तलाशी अभियान भी चलाया. एजेंसी कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें अवैध बेटिंग ऐप शामिल हैं, जो कथित तौर पर लोगों और इंवेस्टर को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुके हैं या भारी मात्रा में टैक्स चोरी कर चुके हैं.
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जांच के दायरे में कई बड़े नाम
बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सिर्फ सुरेश रैना से ही पूछताछ नहीं की गई है. बल्कि एक्टर राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा के खिलाफ भी ईसीआईआर दर्ज किया गया है. कई बड़े-बड़े नामों को इसको लेकर नोटिस भेजा गया है. ईडी ने बेटिंग ऐप से जुड़े मामलों में 29 व्यक्तियों के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है, जिनमें एक्टर, टेलीविजन होस्ट, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर शामिल हैं. इन पर सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 का उल्लंघन करते हुए अवैध बेटिंग एप्लिकेशन को बढ़ावा देने का आरोप है.
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है. ईसीआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें एक्टर राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा, मांचू लक्ष्मी, प्रणीता और निधि अग्रवाल, टीवी और मीडिया हस्तियां जैसे अनन्या नागल्ला, सिरी हनुमान्थु, श्रीमुखी, वर्षिनी साउंडराजन, वसंती कृष्णन, शोभा शेट्टी, अमृथा चौधरी, नायनी पवनी, नेहा पठान, पंडु, पद्मावती, इमरान खान, विष्णु प्रिया और श्यामला.
डिजिटल क्रिएटर्स जैसे हर्षा साईं, बय्या सनी यादव, टेस्टीतेजा, ऋतु चौधरी, बंदारू शेषायनी सुप्रिथा, अजय, सनी, सुधीर शामिल हैं. इसके अलावा किरण गौड़ और बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के पीछे की प्रबंधन टीमें भी नामजद की गई हैं.
क्यों हो रहा ऐप पर एक्शन
लालच बुरी बला है… सभी लोग जल्द से जल्द शॉर्ट कट तरीके से पैसे कमाना चाहते हैं. इसी के चलते भारत के कई लोग बेटिंग ऐप के झांसे में फंसते जा रहे हैं. इसी के चलते कई लोगों को इन ऐप के चलते लाखों-करोड़ों का चूना लग चुका है. कुछ लोग लाखों रुपये गवा चुके हैं. वहीं, कुछ का कहना है कि यह ऐप दावा करते हैं कि यह स्किल पर आधारित है लेकिन ऐसा नहीं है. इसी के बाद इन एप्लीकेशन को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई.
इन ऐप का प्रचार करने को लेकर अब इन बड़े-बड़े नामों पर ईडी ने एक्शन लिया है. ईडी का मानना है कि इन व्यक्तियों को इन ऐप्स का प्रचार करने के लिए बड़ी रकम मिली है, जिनमें से कई खुद को स्किल-बेस्ड गेम के रूप में पेश करते हैं, लेकिन कथित तौर पर गुप्त रूप से जुए को बढ़ावा देते हैं.
22 करोड़ लोग करते हैं इस्तेमाल
आज के समय में लगभग सभी के हाथों में स्मार्ट फोन है, जिसमें सभी लोग सारा-सारा दिन सोशल मीडिया देखते हैं और इस तरह के ऐप के एड तो वो अक्सर देखते हैं. इसी के चलते देश में इन एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या में इजाफा होता जा रहा है.
जांच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, भारत में ऐसे कई ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के लगभग 22 करोड़ यूजर्स हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) रेगुलर यूजर हैं, जो रोजाना इन ऐप का इस्तेमाल करते हैं. जनवरी से मार्च के बीच तीन महीनों में बेटिंग वेबसाइट पर 150 करोड़ लोग पहुंचे. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन बेटिंग ऐप का बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है, जो 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है.
सरकार ने पिछले महीने संसद को बताया कि 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के लिए 1,524 आदेश जारी किए गए हैं.
ऐप कितने खतरनाक
जब हम इन ऐप की बात करते हैं तो एक पल को आप सोच सकते हैं कि एक मामूली एप्लीकेशन ही तो है. जिस तरह हम बाकी के सोशल मीडिया साइट का इस्तेमाल करते हैं वैसे ही तो है, इसमें इतना जोखिम और खतरनाक क्या है. दरअसल, अगर आपको किसी सोशल मीडिया साइट का एडिक्शन है तो बस आप उसको बार-बार खोलते हैं. बहुत सारा वक्त उस पर बिताते हैं, लेकिन इससे आपकी जेब पर असर नहीं पड़ता. लेकिन, अगर आप किसी ऐसी साइट पर है जहां आपको बेटिंग की लत लग गई है तो इसका बहुत खतरनाक असर हो सकता है. ऐसे कई केस हमारे सामने भी आए हैं.
भारत में लगभग रोज ही जुए के कर्ज की वजह से मौत की खबरें सामने आती रहती हैं. जून में राजस्थान के एक युवा कपल ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये का कर्ज होने के बाद सुसाइड कर ली थी. कोटा के दीपक राठौर अपने स्मार्टफोन पर बेटिंग किया करते थे. अपनी पत्नी के साथ मृत पाए जाने से एक दिन पहले, राठौर ने अपनी बहन से कहा था, मेरे पास मरने के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा.
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पिछले महीने हेदराबाद 24 साल का सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने सुसाइड कर ली थी. वो इन ऐप का इस्तेमाल करने के चलते लाखों के कर्जें में डूब गया था. जनवरी में भी ऐसे ही दो व्यक्तियों की आत्महत्या का मामला सामने आया था.
प्रदीप कुमार, 24, जो कानपुर के एक पोस्ट ग्रेजुएट हैं, पिछले दो सालों से जुए की लत से जूझ रहे हैं. इस लत की वजह से उन्हें अपनी आदत को पूरा करने के लिए बार-बार अलग-अलग जगहों से कर्ज लेना पड़ा.
एक बार उन्होंने एक क्रिकेट ऐप में 1,25,000 रुपये गंवा दिए, जिसने लगभग उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी. ऐसे ही तेलंगाना में भी बेटिंग ऐप्स ने तेजी से पकड़ बनाई है. निजामाबाद में एक परिवार के तीन सदस्यों ने पिछले साल आत्महत्या कर ली, दरअसल, बेटे ने ऑनलाइन ऐप की लत के चलते 30 लाख तक का कर्जा ले लिया था और परिवार इसको चुका नहीं पाया. इसी के चलते परिवार ने सुसाइड कर ली.