आजादी के 78 साल :1947 में इतनी सस्ती थीं ये चीजें! सोना 88 रुपये में 10 ग्राम, पेट्रोल- 27 पैसे में, चावल- 16 पैसे किलो...

आजादी के 78 साल :1947 में इतनी सस्ती थीं ये चीजें! सोना 88 रुपये में 10 ग्राम, पेट्रोल- 27 पैसे में, चावल- 16 पैसे किलो...

आज देश में सोना (Gold) 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से भी महंगा हो चुका है. लेकिन अगर आपसे पूछा जाए कि जब देश आजाद हुआ था, तब सोने की क्या कीमत थी? क्या आपको पता है? दरअसल, आज देश को आजाद हुए 78 साल बीत चुके हैं, देश अब तेजी से तरक्की कर रहा है.पिछले 78 वर्षों में देश बहुत बदल चुका है, अब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है, अगले कुछ साल में तीसरे पायदान पर काबिज होने की तैयारी चल रही है.

अब भारत का डंका पूरी दुनिया में बजता है. ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद तिरंगा शान से लहरा रहा है. आज हम आपको बताएंगे, 1947 के मुकाबले आज का भारत कितना बदला हुआ है. इस बदलाव को महंगाई, आय, सोने-चांदी की कीमतें, जीडीपी, पेट्रोल और खाने-पीने की चीजें की कीमतों की तुलना करेंगे. आंकड़े बेहद ही रोचक हैं.

78 साल में कितना बदला देश

- भारतीयों को सोने से बेहद खास लगाव है, 1947 में सोने का भाव (Gold Price) करीब ₹88 प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1 लाख रुपये को भी पार कर गया है.
- चांदी की कीमत (Silver Price 1947) आजादी से ठीक पहले यानी 1947 में करीब 106 रुपये किलो थी, जो साल 2025 में बढ़कर 1,10,00 रुपये किलो से भी ज्यादा हो चुकी है. 2018-19 में चांदी का भाव ₹40,000 प्रति किलो था, साल 2025 में ही चांदी की कीमत 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी है.

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- 1947 में भारत में पेट्रोल की कीमत करीब 25-27 पैसे प्रति लीटर थी. जो 2025 में बढ़कर 100 रुपये तक पहुंच चुकी है, फिलहाल दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल करीब 95 रुपये का है.

- 1947 में चावल की कीमत लगभग 10 से 16 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 100 किलोग्राम) थी. यानी आजादी के समय चावल का मूल्य औसतन 0.10 से 0.16 रुपये प्रति किलोग्राम था. जो अब औसतन 40 रुपये किलो है, बढ़िया चावल इससे भी महंगा है.
- आजादी के समय भारत में अंडे का भाव करीब 2 से 4 पैसे प्रति अंडा था. फिलहाल भारत में 8-10 रुपये में एक अंडा मिलता है.
- अगर सरसों तेल की बात करें तो 1947 में 15-20 पैसे प्रति किलो मिलता था. आजादी के समय खाद्य तेलों की कीमतें बहुत कम थीं, अब साल 2025 में सरसों तेल 190-200 रुपये लीटर बिक रहा है. जो मुद्रास्फीति और आर्थिक बदलावों को दर्शाता है.
- फिलहाल देश में आलू 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है. जबकि 1947 में आलू की कीमत करीब 3 से 5 रुपये प्रति क्विंटल (100 किलोग्राम) थी, यानी अधिकतम 5 पैसे प्रति किलो मिल रहा था.

1947 में कितने कमाते थे लोग

ऐसा नहीं है कि अगर 1947 में 88 रुपये में 10 ग्राम सोना मिल रहा था, तो बहुत सस्ता था, उस समय की आय और महंगाई के हिसाब 88 रुपये भी काफी ज्यादा था, क्योंकि देश आर्थिक चुनौतियां से लड़ रहा था, रोजगार के कम अवसर थे, लोगों की आय सीमित थी.

- आजादी के समय प्रति व्यक्ति आय लगभग 230 से 250 रुपये प्रति वर्ष थी, जो प्रति माह 20 से 25 रुपये के बराबर थी. यह आय मुख्य रूप से कृषि और असंगठित क्षेत्रों से थी, क्योंकि अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती थी और कृषि पर निर्भर थी. संगठित क्षेत्र (सरकारी नौकरियां, रेलवे) में काम करने वाले कर्मचारियों की औसत मासिक सैलरी 50 से 150 रुपये के बीच थी. अब सालाना प्रति व्यक्ति आय करीब 2 लाख रुपये है.

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- 1947 में भारत की खुदरा महंगाई दर (retail inflation rate) के बारे में सटीक जानकारी नहीं है. लेकिन खाने-पीने की चीजें जिस हिसाब से महंगी थीं, अनुमानित उस समय खुदरा महंगाई दर 10 फीसदी से ज्यादा रही होगी. क्योंकि देश तुरंत आजाद हुआ और अर्थव्यवस्था पर द्वितीय विश्व युद्ध का प्रभाव था. जिससे खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव था. फिलहाल यानी साल 2025 में औसतन 3-4 फीसदी खुदरा महंगाई दर है.

- यही नहीं, 1947 में 1 USD लगभग 3.3 रुपये के बराबर था. इस आधार पर भारत की जीडीपी लगभग 800-900 मिलियन USD रही होगी. जबकि फिलहाल एक डॉलर करीब 86 रुपये के बराबर है, और भारत की जीडीपी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की है.








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