नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष की ओर से 'वोट चोर ' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा है कि यदि किसी के पास किसी भी चुनाव में किसी व्यक्ति की ओर से दो बार मतदान किए जाने को लेकर कोई सबूत है तो वह उसे लिखित हलफनामे के साथ साझा करें।
यदि ऐसा नहीं है तो वह सभी मतदाताओं के लिए चोर जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें। आयोग ने गुरुवार को जारी किए एक बयान में कहा है कि हमारे मतदाताओं के लिए वोट चोर जैसे गंदे शब्दों का इस्तेमाल न सिर्फ एक झूठी कहानी को गढ़ने की कोशिश है बल्कि यह देश के करोड़ों मतदाताओं व लाखों चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर भी सीधा हमला है।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दी प्रतिक्रिया
आयोग ने यह प्रतिक्रिया तब दी है, जब राहुल गांधी व विपक्ष की ओर से लगातार वोट चोर जैसे शब्द इस्तेमाल किए जा रहे है। आयोग ने इस दौरान विपक्ष की ओर से एक व्यक्ति-एक वोट की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि 1951-52 में देश में हुए पहले आम चुनाव से ही एक व्यक्ति-एक वोट का कानून अस्तित्व में है। इसका प्रभावी तरीके से पालन भी हो रहा है।
राहुल गांधी से कई बार गड़बड़ी के सबूत मांग चुका है आयोग
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कोई पहली बार मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर प्रमाण नहीं मांगे है बल्कि इससे पहले भी उन्हें नोटिस जारी कर अपने आरोपों को हलफनामे के साथ प्रस्तुत करने को कहा था। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की ओर से जारी किए गए इस नोटिस पर अब तक राहुल गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
ये भी पढ़े : OnePlus 14 नहीं सीधे OnePlus 15 की होने वाली है एंट्री,यहां देखें डिटेल्स
Comments