22 अगस्त को प्रदेश में कलम बंद काम बंद हड़ताल, मुंगेली में तैयारी जोरों पर

22 अगस्त को प्रदेश में कलम बंद काम बंद हड़ताल, मुंगेली में तैयारी जोरों पर

मुंगेली : छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन द्वारा घोषित आगामी 22 अगस्त 2025 को होने वाले एक दिवसीय कलम बंद–काम बंद आंदोलन की तैयारियां पूरे प्रदेश के साथ-साथ मुंगेली जिले में भी तेज़ी से चल रही हैं। जिलेभर के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की रणनीति बना रहे हैं। फेडरेशन के द्वारा प्रस्तावित 11 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर विगत दिनों जिला मुख्यालय मुंगेली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक एवं पर्यवेक्षक कमल वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ प्रांताध्यक्ष सत्येन्द्र देवांगन, बी.पी. शर्मा, जी.आर. चंद्रा, रोहित तिवारी, हिमाचल साहू एवं राजेंद्र अवस्थी भी शामिल हुए।बैठक में मुंगेली जिले से फेडरेशन के संयोजक जे.पी. ध्रुव, उपसंयोजक अवधेश शुक्ला, बिंदु भास्कर, प्रभाकांत शर्मा, रिजवान रिज़वी, हेमंत मानिकपुरी, पद्मावती खरे समेत जिलेभर के विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते

विकासखण्डों का सघन दौरा

इस समीक्षा बैठक से पूर्व जिला प्रभारी एवं संयोजक के नेतृत्व में मुंगेली जिले के सभी विकासखंडों का सघन दौरा कर वहां पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों से संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों से 22 अगस्त को होने वाले कलम बंद–काम बंद आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई। जिले के विकासखंड मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया विकासखंडों में जाकर पदाधिकारियों ने बैठक लीं और कर्मचारियों को आंदोलन के महत्व से अवगत कराया। स्थानीय स्तर पर भी कर्मचारियों ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

11 सूत्रीय मांगें बनी आंदोलन की वजह

फेडरेशन ने प्रदेश सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से वेतन विसंगति दूर करना, नियमितीकरण, पदोन्नति में आरक्षण नीति का पालन, समयमान वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली, भत्तों की बढ़ोतरी, रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण, महिला कर्मचारियों से जुड़ी सुविधाएं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन संबंधी लाभ जैसी बातें शामिल हैं।फेडरेशन का कहना है कि इन मांगों को लेकर लगातार सरकार से चर्चा की गई है, किंतु ठोस निर्णय नहीं होने से मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

हड़ताल से ठप रहेंगे शासकीय कामकाज

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि 22 अगस्त को पूरे प्रदेश में एक दिवसीय कलम बंद–काम बंद हड़ताल रहेगी, जिसके चलते शासकीय कार्य प्रभावित होंगे। शिक्षण संस्थानों से लेकर शासकीय दफ्तरों तक सभी जगह कामकाज ठप रहने की संभावना है।बैठक में तय किया गया कि हड़ताल पूर्णतः शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से होगी। सभी कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाएं, ताकि सरकार तक उनकी आवाज़ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

ये भी  पढ़े : मुंगेली में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन, 42 यूनिट रक्त एकत्रित

कर्मचारियों में उत्साह

बैठक के दौरान कर्मचारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि अब यह आंदोलन केवल मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन गया है।फेडरेशन ने ऐलान किया है कि अगर 22 अगस्त की एकदिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments