नई दिल्ली : वोट चोरी जैसे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से किए गए पलटवार के बाद विपक्ष दलों ने सोमवार को सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोला और कहा कि वह जिस तरह से विपक्ष दलों को धमका रहे है, उससे वह डरने वाले नहीं है।
जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कैसी और क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर विपक्ष दल सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे व कहा कि उसके पास तमाम संसदीय और कानूनी विकल्प खुले है।जल्द ही आम सहमति से क्या करना है वह फैसला करेंगे। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के खिलाफ यह हमला संसद के भीतर भी बोला।
चुनाव आयोग से डरने वाले नहीं राहुल गांधी: खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'चुनाव आयोग मतदाता सूची की गड़बडि़यों को दूर करने की जगह उन्हें डरा- धमका रहा है, वह डरने वाले नहीं है, वह उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
हालांकि राज्यसभा में सदन के नेता व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की आपत्ति के बाद पीठासीन अधिकारी ने उनकी टिप्पणी को लेकर कार्यवाही से बाहर निकालने के आदेश दिए। इस बीच कांग्रेस सहित आठ प्रमुख विपक्षी दलों ने नेताओं ने सामूहिक प्रेस कांफ्रेंस करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे हमला बोला और कहा कि वह भाजपा के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे है।
इस बीच संसद भवन परिसर में मौजूद खरगे के कार्यालय भी विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त की टिप्पणियों को लेकर चर्चा हुई। जिसमें सभी दलों ने अपनी राय रखी।
जरूरत पड़ी तो सभी संवैधानिक हथियारों का करेंगे इस्तेमाल: नसीर हुसैन
कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी दलों ने लोकतंत्र में मिले सभी संवैधानिक हथियारों का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत बताई। जरूरत पड़ी तो हम इसका इस्तेमाल करेंगे।
रही बात महाभियोग प्रस्ताव लाने की तो इस पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम कुछ भी कर सकते हैं। 'लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त यदि चाहते है कि राजनीतिक दलों को डरा देंगे तो उनका यह सोचना गलत है।
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि आयोग आज भले ही आरोपों पर हलफनामा मांग रहा है लेकिन उनके नेता अखिलेश यादव ने वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में काटे गए तो 18 हजार नाम वोटरों की सूची हलफनामे के साथ दी थी। कोई कार्रवाई आयोग ने की। चुनाव से पूर्व यादव व मुस्लिम बीएलओ को पहचान कर हटाया गया था।
इस दौरान डीएमके सांसद टी शिवा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा व आप सांसद संजय सिंह आदि भी अपनी बात रखी। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर कहा था कि ' वह इन आरोपों को सात दिनों के भीतर या तो हलफनामे के साथ दें, नहीं सारे आरोपों निराधार माने जाएंगे। उन्हें देश से माफी भी मांगनी होगी।
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